पीएमसीएच के एआरटी सेंटर में हुई पहचान
धनबाद/मैथन : मैथन में एक ही परिवार के तीन लोगों को एचआइवी से ग्रसित पाया गया है. इसमें 32 वर्ष का युवक, उसकी 26 वर्षीय पत्नी व सात वर्षीय बच्चा शामिल है. पीएमसीएच के एआरटी (एंटी रिट्रोवायरल थेरेपी) सेंटर में तीनों की जांच हुई. इसके बाद तीनों के एचआइवी होने का पता चला. घर की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण युवक की स्थिति खराब हो गयी है. इसकी जानकारी एग्यारकुंड प्रखंड के बीडीओ अनंत कुमार को दी गयी है. बीडीओ से आग्रह किया गया है कि इसकी जानकारी उपायुक्त व सिविल सर्जन को दी जाये, ताकि इनकी मदद मिल पाये.
पत्नी व बच्चे की स्थिति खराब, चाहिए खून : पत्नी व बच्चे की स्थिति काफी खराब बतायी जाती है. शरीर की इम्यूनिटी काफी कम हो गया है. ऐसे में मरीज को खून चढ़ाने को कहा गया है. खून के लिए जल्द पीएमसीएच भेजा जायेगा. इसकी लिए ब्लड बैंक से संपर्क किया जा रहा है.
नाको व बाल सुरक्षा कोषांग से मिलेगी मदद : नेशनल एड्स कंट्रोल सोसाइटी की ओर से एचआइवी पीड़ितों के लिए एक हजार रुपया मासिक पेंशन दिया जाता है. जानकारी देते हुए एआरटी सेंटर के काउंसेलर अभय कुमार ने बताया कि परिवार के तीनों सदस्यों को एक-एक हजार रुपये देंगे. इसके लिए मरीजों को आवश्यक कागजात जैसे आधार कार्ड, खाता नंबर आदि कागजात देने होंगे. इसके साथ ही बच्चे को बाल सुरक्षा कोषांग की ओर लगभग दो हजार रुपये देने का प्रावधान है. कंबाइंड बिल्डिंग स्थित कार्यालय से इसके लिए संपर्क किया जा सकता है. बच्चे के नाको से एक हजार व बाल सुरक्षा से दो हजार प्रति माह दिये जायेंगे.
एटीएन मेडिकेयर मदद को आगे आया : पीड़ितों की मदद के लिए एटीएन मेडिकेयर के सलाहकार तापस नाग ने नेशनल एड्स कंट्रोल सोसाइटी (नाको) को इसकी सूचना दी है. श्री नाग ने बंगाल के कुछ एनजीओ से मदद के लिए संपर्क किया है. बेहतर इलाज के लिए एटीएन की ओर से रांची रिम्स, बाकुड़ा मेडिकल कॉलेज व वर्द्धवान मेडिकल कॉलेज से भी संपर्क उन्होंने साधा है. एटीएन ने विधायक अरूप चटर्जी को भी जानकारी दी है.
