धनबाद : झारखंड में 50 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के चिटफंड घोटाला की जांच कर रही सीबीआइ अब निवेशकों की तलाश में है. वह इस बात की जांच कर रही है कि वास्तव में कितने लोग इस घोटाले के शिकार हुए. मंगलवार को सीबीआइ, एंटी करप्शन ब्यूरो धनबाद के एसपी नागेंद्र प्रसाद ने घोटाले के शिकार सभी निवेशकों से अपील की कि वह अपना ग्रिवांस लेकर सीबीआइ कार्यालय आयें और पूरी जानकारी दें. इससे जांच में और भी सहयोग मिलेगा और आरोपियों से घोटाले की राशि वसूली में आसानी होगी.
सीबीआइ ऑफिस में आकर पूरी जानकारी दें निवेशक
धनबाद : झारखंड में 50 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के चिटफंड घोटाला की जांच कर रही सीबीआइ अब निवेशकों की तलाश में है. वह इस बात की जांच कर रही है कि वास्तव में कितने लोग इस घोटाले के शिकार हुए. मंगलवार को सीबीआइ, एंटी करप्शन ब्यूरो धनबाद के एसपी नागेंद्र प्रसाद ने घोटाले […]

11 जिलों के मामले की जांच कर रही धनबाद सीबीआइ : नन बैंकिंग कंपनियोें के जाल में धनबाद, बोकारो, हजारीबाग, दुमका, देवघर सहित पूरे राज्य के लोगों से 50 हजार करोड़ रुपया से ज्यादा का घोटाला हुआ. अनुमान लगाया जा रहा है कि धनबाद सीबीआइ के क्षेत्र में पड़ने वाले 11 जिला के हजारों लोगों का 15 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला हुआ है.
लेकिन अभी भी हजारों इंवेस्टर सामने नहीं आये है. इस कारण सीबीआइ अभी तक यह पता नहीं लगा पायी है कि नन बैंकिंग कंपनियोें ने कितने हजार करोड़ का घोटला किया है. सीबीआइ एसपी नागेंद्र प्रसाद ने कहा कि यदि किसी को चीट किया गया है तो वह सीबीआइ से संपर्क करे और अपना ग्रीभांस रखे.
टिपर व सीएमपीएफ मामले में जल्द होगी चार्जशीट : वर्ष 2012-13 में डंपर की जगह टिपर खरीद में बीसीसीएल को 97 करोड़ का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा था.
इस बाबत सीबीआइ ने सितंबर 2017 में एफआइआइ भी दर्ज की थी. इसमें बीसीसीएल के तत्कालीन सीएमडी डॉ टीके लाहिड़ी, निदेशक तकनीकी (योजना व परियोजना) अशोक सरकार के अलावा नौ के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. इस मामले में सीबीआइ चार माह के अंदर कोर्ट में चार्जशीट दायर करने जा रही है. इसके साथ ही सीएमपीएफ के ज्वाइंट कमिश्नर यूपी कमल के भ्रष्टाचार संबंधी मामले में भी चार्जशीट करने जा रही है.