धनबाद : नोटा के पक्षधर वोटरों से संपर्क साधेगा संघ, समन्वय की बैठक में स्वयंसेवकों को मिला निर्देश
धनबाद : तीन राज्यों में भाजपा की पराजय के बाद आने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) ने भाजपा के पक्ष में लामबंदी तेज कर दी है. संगठन ने ऐसे मतदाताओं को पकड़ने का निर्णय लिया है जो मोदी सरकार से नाराज हैं तो कांग्रेस से भी दु:खी हैं. रविवार को […]
धनबाद : तीन राज्यों में भाजपा की पराजय के बाद आने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) ने भाजपा के पक्ष में लामबंदी तेज कर दी है. संगठन ने ऐसे मतदाताओं को पकड़ने का निर्णय लिया है जो मोदी सरकार से नाराज हैं तो कांग्रेस से भी दु:खी हैं.
रविवार को जगजीवन नगर स्थित आरएसएस कार्यालय में समन्वय की बैठक हुई जिसमें धनबाद और बोकारो जिले के संघ परिवार की अनुषंगी इकाइयों के बड़े चेहरे उपस्थित थे. बैठक में आरएसएस के प्रांत प्रमुख रवि शंकर, प्रांत के सह कार्यवाह संजय कुमार, सह प्रांत प्रचारक गोपाल शर्मा और विभाग संचालक केशव हड़ोदिया ने उपस्थित तमाम लोगों को विचार मंत्र दिया.
भाजपा, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, भारतीय मजदूर संघ, अखिल भारती विद्यार्थी परिषद, एकल अभियान के पदाधिकारियों को भाजपा के पक्ष में माहौल बनानेे के लिए निर्देश दिया गया. संघ के पदाधिकारियों का साफ कहना था कि मोदी सरकार हर क्षेत्र में अच्छा कर रही है. विपक्ष के नकारात्मक माहाैल को सकारात्मक बनाएं. जनता को यह समझाएं कि एक तरफ राष्ट्रवाद को समर्पित विचार समूह है तो दूसरी तरफ अवसरवादियों का जमावड़ा.
नोटा के कारण हारे राजस्थान का चुनाव
बैठक में वैसे मतदाताओं को अपने पक्ष में लाने को कहा गया जो नोटा का इस्तेमाल करते हैं. कहा गया कि राजस्थान में एक लाख से अधिक लोगों ने नोटा को वोट दिया, अगर यह वोट भाजपा को मिला होता तो राजस्थान में भाजपा की सरकार नहीं जाती. कहा गया कि मध्य प्रदेश, राजस्थान में भाजपा हारी नहीं, पराजय केवल छत्तीसगढ़ में हुआ है.
बैठक में झारखंड प्रदेश भाजपा के प्रशिक्षण प्रमुख गणेश मिश्र, भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महासचिव बिंदेश्वरी प्रसाद, महेंद्र सिंह, केपी गुप्ता, ओम सिंह, क्रीड़ा भारती के प्रदेश अध्यक्ष और जैक के उपाध्यक्ष फूल सिंह, एकल अभियान के केएन मित्तल, संस्कार भारती के इंद्रजीत सिंह, विश्व हिंदू परिषद के रंजन सिन्हा, बजरंग दल के विक्की सिंह, भाजपा के संजय झा, विनय सिंह, मुन्ना सिंह, मिल्टन पार्थसारथी आदि उपस्थित थे.