धनबाद-चंद्रपुरा लाइन ट्रेन के लिए फिट, बोले सीसीआरएस- डेढ़ वर्ष से रेलवे को बेवकूफ बनाकर रखा है

धनबाद/कतरास : मुख्य रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीसीआरएस) शैलेश कुमार पाठक ने 15 जून, 2017 से बंद धनबाद-चंद्रपुरा रेलखंड पर एकबार फिर ट्रेन दौड़ाने के संकेत दिये हैं.सीसीआरएस ने बुधवार को रेलवे के कई अफसरों के साथ कुसुंडा से सोनारडीह हॉल्ट तक रेलवे ट्रैक का जायजा लिया. अधिकारी व कर्मी 11 ट्रॉलियों पर सवार थे. धनबाद […]

धनबाद/कतरास : मुख्य रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीसीआरएस) शैलेश कुमार पाठक ने 15 जून, 2017 से बंद धनबाद-चंद्रपुरा रेलखंड पर एकबार फिर ट्रेन दौड़ाने के संकेत दिये हैं.सीसीआरएस ने बुधवार को रेलवे के कई अफसरों के साथ कुसुंडा से सोनारडीह हॉल्ट तक रेलवे ट्रैक का जायजा लिया. अधिकारी व कर्मी 11 ट्रॉलियों पर सवार थे. धनबाद से सोनारडीह की 20 किमी की दूरी के निरीक्षण में पूरे रास्ते सीसीआरएस रेल अधिकारियों से विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी लेते रहे.

निरीक्षण के बाद सीसीआरएस ने कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं लगता कि डीसी लाइन पर ट्रेन परिचालन बंद करना चाहिए. ट्रैक पूरी तरह फिट है और इस पर परिचालन होना चाहिए. सोनारडीह हॉल्ट पहुंचने के बाद टीम ट्रैक की स्थिति का आकलन करने के लिए रेल इंजन पर सवार होकर धनबाद तक गयी. इंजन की रफ्तार 80 किमी प्रति घंटे थी.

शाम लगभग पांच बजे सीसीआरएस समेत सभी अधिकारी विंडो स्पेशल ट्रेन से सोनारडीह तक आये. 72 किमी प्रति घंटे की गति से चली स्पेशल ट्रेन में इंजन के अलावा तीन बोगियां लगी थीं.इससे पूर्व ट्रॉली से लकड़का साइडिंग पहुंचे सीसीआरएस ने डीआरएम से कहा कि रेल पटरी बिल्कुल दुरुस्त है. आग रेल पटरी से 40 मीटर दूर है.

उन्होंने ट्रेन चलाने तथा हर ट्रेन के पीछे सुरक्षा व्यवस्था कायम करने का निर्देश दिया. यहां से एचपीसीसी की टीम कतरासगढ़ स्टेशन पहुंची. यहां कुछ देर मंत्रणा करने के बाद ट्रॉली से साउथ गोविंदपुर की ओर रवाना हो गयी.

दौरे में उनके साथ डीजीएमएस के डीजी पीके सरकार, कमिश्नर ऑफ रेल सेफ्टी माे लतीफ खान, पूर्व मध्य रेल के एजीएम विद्याभूषण, धनबाद डीआरएम अनिल कुमार मिश्रा, पीसी इसीआर केडी रालाह, पीसी इइ इसीआर राकेश तिवारी आदि मौजूद थे.

डेढ़ वर्ष से रेलवे को बेवकूफ बनाकर रखा है: सीसीआरएस
सीसीआरएस शैलेश कुमार पाठक ने रेल अधिकारियों से कहा कि बनारस में जो कुछ हुआ, उसे पूरे देश ने देखा. छह लोग अब भी जेल में हैं, मगर यहां तो ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. अंकल डराते हैं तो आप चुप क्यों हैं.

डेढ़ वर्ष से रेलवे को बेवकूफ बनाकर रखा है. रेलवे ट्रैक छह मीटर, दोनों ओर के छह-छह मीटर यानी कुल 18 मीटर के बाद की क्या स्थिति है, उससे हमें क्या मतलब है. मोबाइल गनमैन लगा दो. पूरे ट्रैक को दुरुस्त करो. डीआरएम से कहा कि सीनियर डीएसओ का हस्ताक्षर करवाकर पूरे मामले की रिपोर्ट भेजिये.

हर स्टेशन पर मौजूद थी लोगाें की भीड़

सीसीआरएस का सोनारडीह हॉल्ट से सड़क मार्ग से धनबाद जाने का कार्यक्रम था. सोनारडीह हॉल्ट पहुंचने पर वहां एक रेल इंजन लगा था. शैलेश कुमार पाठक ने रेल इंजन से सोनारडीह से धनबाद जाने का निर्णय लिया.

कहा: इसी बहाने निरीक्षण भी हो जायेगा. सभी रेल इंजन पर सवार होकर धनबाद के लिए निकल गये. शाम पांच बजे विंडो स्पेशल ट्रेन से ट्रैक का जायजा लेने पुन: धनबाद से निकले. लगभग डेढ़ वर्ष से बंद पड़ी लाइन पर ट्रेन की सीटी सुन कतरास कोयलांचल के लोगों में खुशी का ठिकाना नहीं रहा. कतरासगढ़ स्टेशन से लेकर तेतुलिया, सोनारडीह हॉल्ट तक लोगों की भीड़ खड़ी देखी गयी.

इंजन व विंडो स्पेशल ट्रेन चलायी

40 मीटर दूर है रेल पटरी से आग

80 किमी की रफ्तार से दौड़ा इंजन

72 किमी प्रति घंटे थी विंडो स्पेशल की रफ्तार

हाइ पावर सेंट्रल कमेटी करेगी रेलवे बोर्ड को अनुशंसा

जांच रिपोर्ट से करायेगी अवगत

अनुशंसा के आलोक में बोर्ड को लेना है निर्णय

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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