धनबाद : शहर की नालियां व्यवस्थित व अंडर ग्राउंड होंगी. नाली के पानी को ट्रिटमेंट कर उपयोगी बनाया जायेगा. धनबाद व सिंदरी में सिवरेज व झरिया व कतरास में सेप्टेज प्रबंधन पर काम होगा. प्रोजेक्ट पर कुल 438 करोड़ रुपये खर्च होंगे. गुरुवार को टीसीइ कंसल्टेंट ने नगर निगम में सिवरेज एंड सेप्टेज पर पावर प्रेजेंटेशन देते हुए यह जानकारी दी.
मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने सिंदरी में एक जगह पर एसटीपी का पानी दामोदर में गिराये जाने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए उसे दूसरी जगह पर लगाने का प्रस्ताव दिया. टीसीइ कंसल्टेंट के डीपीआर पर नगर निगम ने मुहर लगा दी. डीपीआर को मुख्यालय भेजा जायेगा. मुख्यालय स्तर से सिवरेज एंड सेप्टेज का टेंडर निकाला जायेगा. पावर प्रेजेंटेशन में नगर आयुक्त चंद्रमोहन कश्यप, अपर नगर आयुक्त महेश संथालिया, मुख्य अभियंता एसके सिन्हा, सभी पार्षद उपस्थित थे.
197.3 किमी तक बिछेगी पाइप लाइन
197.3 किमी तक पाइप लाइन बिछायी जायेगी. शौचालय की टंकी का पानी नाली में न बहे, उसे रोकने के लिए सिवरेज ट्रिटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण कराया जायेगा. पानी को ट्रिटमेंट प्लांट में जमा किया जायेगा. इसके बाद उस पानी को साफ कर किसी दूसरे काम के लिए उपयोग में लाया जायेगा.
निगम की यह महत्वाकांक्षी योजना है. लंबे समय से डीपीआर पर काम चल रहा था. ड्रेनेज सिस्टम व्यवस्थित होने से शहर की खूबसूरती और बढ़ेगी. सिवरेज सिस्टम से शौचालय के पानी को ट्रिटमेंट कर उपयोगी बनाया जायेगा ताकि उसे कृषि व अन्य कार्यों में उपयोग किया जा सके. डीपीआर संतोषजनक है. डीपीआर को मुख्यालय भेजा जायेगा. मुख्यालय स्तर पर इसका टेंडर होगा. जिस कंपनी को टेंडर मिलेगा, उसे पांच साल तक मेंटेनेंस करना होगा.
चंद्रशेखर अग्रवाल, मेयर
शहरी जलापूर्ति फेज दो पर खर्च होंगे 700 करोड़
धनबाद. शहरी जलापूर्ति फेज दो में 700 करोड़ रुपये खर्च होंगे. पांच सौ करोड़ नगर निगम व दो सौ करोड़ माडा खर्च करेगा. फेज दो में निगम क्षेत्र के एक-एक घर में पानी कनेक्शन दिया जायेगा. मैथन से एक और राइजिंग पाइप लाइन धनबाद लायी जायेगी. गुरुवार को एनजेएस ने जलापूर्ति पर पावर प्रजेंटेशन दिया. आधी-अधूरी डीपीआर पर मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने एनजेएस के प्रतिनिधि पर भड़के और जमकर फटकार ली. प्रतिनिधि को सख्त हिदायत दी कि स्पॉट सर्वे करें. इसके बाद ही डीपीआर बनायें. इधर, मेयर ने कहा कि जलापूर्ति को लेकर निगम गंभीर है. डीवीसी व निगम के बीच 166 एमएलडी पानी के लिए एग्रीमेंट हुआ है. फिलवक्त डीवीसी से 60 एमएलडी पानी दिया जा रहा है.
इसमें आधा से अधिक पानी की चोरी हो रही है. राइजिंग पाइप में छेद कर घरों पाइप बिछायी गयी है. एग्रीमेंट के मुताबिक डीवीसी को और एक सौ एमएलडी पानी देना है. नयी पाइप लाइन से एक सौ एमएलडी पानी शहर लाया जायेगा. इससे शहर में पानी की समस्या पूरी तरह खत्म हो जायेगी.
