धनबाद : बीसीसीएल प्रबंधन पर रंगदारों के सिंडिकेट के ‘सरदार’ का दबाव नहीं चला. प्रबंधन ने इ-ऑक्शन के माध्यम से कोयले का ऑफर निकाला और 48 घंटे बाद ही ऑफर वापस ले लिया. बताते हैं कि बीसीसीएल ने विभिन्न कोलियरी से इ-ऑक्शन के जरिये रोड सेल के माध्यम से बिक्री के लिए 1,46,000 टन कोयले का ऑफर निकाला था.
पांच दिसंबर को एमएसटीटी के माध्यम से 61 हजार टन कोयले का इ-ऑक्शन होना था, जबकि छह दिसंबर को एम जंक्शन के जरिये 85 हजार कोयले का ऑक्शन होना था. इसमें रंगदारों के सिंडिकेट के प्रभाव वाली भी एक दर्जन कोलियरियां शामिल हैं. इधर, 26 नवंबर को बीसीसीएल के महाप्रबंधक (सेल्स एंड मार्केटिंग) ने अधिसूचना जारी कर उक्त ऑफर को अपरिहार्य कारणों से विथड्रॉ (वापस) कर लिया है. इससे बाघमारा में विजय दिवस माना रहे रंगदारों के सिंडिकेट को बड़ा झटका लगा है.
इ-ऑक्शन चालू कराने को सीसीएल पर भी दबाव : बताते है कि कोयला मंत्रालय ने पावर कंपनियों को पर्याप्त मात्रा में कोयला आपूर्ति को लेकर कोल इंडिया व उसकी सभी सहायक कंपनियों में इ-ऑक्शन के माध्यम (रोड सेल) से बिकने वाले कोयले पर रोक लगा दी है. इधर,24 नवंबर को कोयले का ऑफर निकालने के बाद कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी सीसीएल में भी इ-ऑक्शन चालू करने को प्रबंधन पर दबाव बनाया जा रहा था. हालांकि, बीसीसीएल द्वारा ऑफर विड्रॉ करने के बाद कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं. इसे राजनीतिक रंग देने का प्रयास भी चल रहा है.
उद्योग बंद कर देंगे पर रंगदारी नहीं देंगे : एसोसिएशन
इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स एसोसिएशन की बैठक कल
बाघमारा कोलियरी क्षेत्र में मनमाना ट्रक लदाई शुल्क के विरोध में इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स एसोसिएशन की बैठक 28 नवंबर को होगी. इसमें इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स एसोसिएशन तथा स्मॉल बिहाइव हार्ड कोक एसोसिएशन (चिरकुंडा) के करीब 112 हार्ड कोक निर्माण उद्योग के उद्यमी भाग लेंगे. उद्यमियों का आरोप है कि बाघमारा विधायक ढुलू महतो के गुर्गे लदाई के नाम पर उद्यमियों से रंगदारी वसूल कर रहे हैं.
पूर्व में ट्रक लदाई के नाम पर 650 रुपये प्रति टन वसूला जाता था, लेकिन अब इसे बढ़ा कर 1250 रुपये प्रति टन कर दिया गया है. उद्यमियों का कहना है कि हार्ड कोक उद्योग की वर्तमान स्थिति खस्ता है. यही हालात रहे तो हार्ड कोक भट्ठों में जल्द ही ताला लग जायेगा. कहा कि उद्योग बंद कर देंगे, लेकिन रंगदारी नहीं देंगे.
…तो 40 हजार मजदूर हो जायेंगे बेरोजगार
सामाजिक कार्यकर्ता अनिल पांडेय ने धनबाद डीसी ए दोड्डे से मामले पर अविलंब हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि बाघमारा में रंगदारी बंद नहीं हुई तो 100 से अधिक उद्योग बंद हो जायेंगे. इससे न सिर्फ औद्योगिक विकास थमेगा, बल्कि हार्ड कोक उद्योग में काम करने वाले 40 हजार से अधिक श्रमिक बेरोजगार हो जायेंगे.
चार कोलियरियों से एलॉटमेंट के बावजूद नहीं उठा कोयला
बाघमारा कोयलांचल में पड़ने वाली बीसीसीएल की चार कोलियरियों (चैतुडीह, मुराईडीह, फुलारीटांड़ और शताब्दी) से एलॉटमेंट के बावजूद सोमवार को लिंकेज होल्डरों के कोयला का उठाव नहीं हो सका. सूत्रों की माने तो रंगदारों के सिंडिकेट के फरमान के बाद मुराईडीह, फुलारीटांड़ और शताब्दी कोलियरी का कांटा पिछले दो दिनों से खराब कर दिया गया है, जबकि चैतुडीह में जबरन कांटा घर बंद कर दिया गया है.
इस कारण पिछले तीन दिनों से औसतन 58 गाड़ियों का एलॉटमेंट होने के बावजूद एक भी गाड़ी लोड नहीं हो रही है. बताते हैं कि इन चारों कोलियरी पर रंगदारों के सिंडिकेट का कब्जा है. यहां लिंकेज होल्डरों से ट्रक लदाई के नाम पर 650 रुपये वसूले जाते हैं, जिसे सिंडिकेट के सरदार के फरमान के बाद दोगुना, यानी 1250 रुपये कर दिया गया है. लिंकेज होल्डरों ने बढ़ी राशि देने से -इनकार कर दिया है.
