लोदना के एपीएम ने आउटसोर्सिंग कंपनियों से मांगा लेबर लाइसेंस

एचपीसी की अनुशंसा पर वेतन सुनिश्चित करने का दिया गया निर्देश धनबाद : कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी बीसीसीएल के लोदना एरिया में श्रम कानून को ताक पर रख कर आउटसोर्सिंग कंपनियां काम कर रही हैं. इसे गंभीरता से लेते हुए लोदना के एरिया पर्सनल मैनेजर (एपीएम) डीके भगत ने इन कंपनियों को रिमाइंडर लेटर […]

एचपीसी की अनुशंसा पर वेतन सुनिश्चित करने का दिया गया निर्देश
धनबाद : कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी बीसीसीएल के लोदना एरिया में श्रम कानून को ताक पर रख कर आउटसोर्सिंग कंपनियां काम कर रही हैं. इसे गंभीरता से लेते हुए लोदना के एरिया पर्सनल मैनेजर (एपीएम) डीके भगत ने इन कंपनियों को रिमाइंडर लेटर भेजा है.
आउटसोर्सिंग कंपनी मेसर्स एटी देव प्रभा, अविनाश ट्रांसपोर्ट व जिंदल रोडवेज प्राइवेट लिमिटेड को लेबर लाइसेंस समर्पित करने को कहा है. साथ ही मजदूरों को बायोमीट्रिक उपस्थिति बनाने और हाई पावर कमेटी (एचपीसी) की अनुशंसा पर वेतन सुनिश्चित करने को कहा है.
क्या है मामला : बताया जाता है कि बीसीसीएल के लोदना एरिया में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनी मेसर्स एटी देव प्रभा, अविनाश ट्रांसपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड और जिंदल रोडवेज एंड कंपनी के पास लेबर लाइसेंस नहीं है.
बावजूद ये कंपनियां काम कर रही हैं. इन कंपनियों से लेबर लाइसेंस देने को लेकर लोदना के एपीएम ने कई बार पत्र भी प्रेषित कर चुके हैं, बावजूद इन कंपनियों ने लाइसेंस नहीं सौंपा है.
क्या है नियम : नियम के अनुसार बीसीसीएल में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनियों के पास सीएल (आर एंड एक्ट 1970 ) के प्रावधानों के मुताबिक लेबर लाइसेंस का होना जरूरी है. बिना इसके कोई कंपनी काम नहीं कर सकती, लेकिन यहां नियमों की अनदेखी कर कई आउटसोर्सिंग कंपनियां बिना लाइसेंस के ही काम कर रही हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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