धनबाद : पुलिस की स्पेशल टीम ने अंतरप्रांतीय साइबर अपराधी गैंग के एक सदस्य राहुल नोनिया (पिता लक्ष्मण नोनिया, खास सिजुआ) को रेलवे स्टेशन कैंपस स्थित एटीएम के समीप से गिरफ्तार किया है. मौके से उसका साथी विशाल भाग निकला. राहुल के पास से कई एटीएम,डीएल, आधार कार्ड, 45 हजार रुपये समेत अन्य कागजात मिले हैं.
छापामारी का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय (द्वितीय) गोपल कांडुलिया कर रहे थे. राहुल को धनबाद थाना को सौंप दिया गया है. धनबाद थानेदार अशोक कुमार सिंह ने गुरुवार की रात गिरोह के बारे में पत्रकारों को जानकारी दी. धनबाद थानेदार ने बताया साइबर अपराधी राहुल से पूछताछ कर गैंग से जुड़े अन्य अपराधियों का नाम व ठिकाना हासिल हुआ है.
राहुल की निशानदेही पर तेतुलमारी, सिजुआ समेत कई जगहों पर विशाल व गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों की खोज में छापामारी की गयी है. राहुल तेतुलमारी थाना के आर्म्स एक्ट से संबंधित केस में वांछित है.
क्लोन एटीम बनाकर निकासी करने वाला गैंग : गिरफ्तार राहुल अंतरप्रांतीय गिरोह का सक्रिय सदस्य है. गिरोह का सरगना सागर है. गिरोह में छह-सात सदस्य हैं. यह गिरोह धनबाद-बोकारो के अलावा बिहार के गया में सक्रिय है. अभी तक यह गिरोह क्लोन एटीएम बनाकर लगभग 10 लाख रुपये कि निकासी कर चुका है. राहुल व विशाल रेलवे स्टेशन परिसर स्थित एटीएम से रकम निकासी करने पहुंचे थे. शहर में पहली बार एटीएम का क्लोन बनाकर निकासी करने वाला गिरोह का अपराधी पुलिस गिरफ्त में आया है.
स्कैनर से बनाता है क्लोन एटीएम
गिरोह के सदस्य ने 20 हजार रुपये में ऑन लाइन स्कैनर मशीन खरीद रखी है. मशीन के साथ 10 क्लोन एटीएम भी मिलता है. गिरोह के सदस्य एटीएम में लोगों के साथ लाइन लगते हैं. मदद करने का झांसा दे एटीएम लेकर अपना स्कैनर मशीन में डाल लेते हैं. इस तरह एटीएम स्कैन हो जाता है. एटीएम वाले को एटीएम दे देता है.
इसी दौरान वह पीछे से एटीएम से निकासी करते देखकर पिन नंबर मोबाइल में नोट कर चल देता है. अपने ठिकाना पर आकर स्कैनर मशीन से एटीएम क्लोन व डिटेल लैपटॉप या पीसी में अपलोड करता है. सभी डिटेल फिर क्लोन एटीएम में अपलोड कर निकाल लेता है.
