पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण एलएनजी, एलपीजी और कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है. इसका असर भारत के ऊर्जा बाजार पर भी पड़ा है. ऐसे में कोयले की मांग में अचानक तेजी आयी है. आयातित कोयले की कीमतों में भी उछाल देखने को मिला है. ऐसे में कोल इंडिया लिमिटेड ने घरेलू उद्योगों को राहत देने के लिए इस माह 2.56 करोड़ टन कोयला की ऑनलाइन नीलामी करने की तैयारी की है.
कोलफील्डस को मिला लक्ष्य
कंपनी के एसडब्ल्यूएमए नीलामी कैलेंडर के अनुसार अलग-अलग कोलफील्ड्स को आपूर्ति का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसमें महानदी कोलफील्ड्स को 85 लाख टन, ईस्टर्न कोलफील्ड्स का 47 लाख टन, बीसीसीएल को 38 लाख टन, सेंट्रल कोलफील्ड्स को 32 लाख टन, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स को 30 लाख टन, वेस्टर्न कोलफील्ड्स को 20 लाख टन, नॉर्दर्न कोलफील्ड्स को छह लाख टन और नॉर्थ ईस्टर्न कोलफील्ड्स को 20 हजार टन कोयला की नीलामी का लक्ष्य मिला है.
ई- नीलामी से होगी पारदर्शिता
कोल इंडिया ने ई-नीलामी प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाते हुए बांग्लादेश, भूटान और नेपाल के खरीदारों को सीधे भाग लेने की अनुमति दी है. अब उन्हें किसी बिचौलिये की जरूरत नहीं होगी. डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए नीलामी से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और बाजार में बेहतर मूल्य निर्धारण संभव हो सकेगा.
