गरीब मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवा देना है उद्देश्य : राजीव
धनबाद : एशियन द्वारिका दास जालान सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल में डायलिसिस के मरीजों के लिए राहत भरी खबर है. मरीजों को जीवन रेखा ट्रस्ट 350 रुपये हर डायलिसिस में सब्सिडी देगी. एशियन में डायलिसिस के लिए एक हजार रुपये लगते हैं. ऐसे में सब्सिडी पर मात्र 650 रुपये में डायलिसिस सेवा मिलेगी. यह घोषणा जीवन रेखा ट्रस्ट के सचिव राजीव शर्मा ने मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में की.
बताया कि ट्रस्ट का उद्देश्य गरीब मरीजों को उचित दर पर चिकित्सकीय सेवा उपलब्ध कराना है. कहा कि एशियन अस्पताल के साथ एमओयू के तहत यहां इलाज करने वाले गरीब मरीजों को ट्रस्ट के माध्यम से विशेष छूट दी जाती है, ताकि पैसे के अभाव में कोई गरीब इलाज से वंचित नहीं हो. एशियन में प्रत्येक माह 450 व साल में लगभग 5400 डायलिसिस होती है. प्रति डायलिसिस 350 रुपये छूट देने पर साल में लगभग 18 लाख रुपये की छूट ट्रस्ट देगी. मौके पर ट्रस्ट के नव निर्वाचित पदाधिकारी चेयरमैन बीपी डालमिया, वरीय उपाध्यक्ष रमेश गुटगुटिया, शंभुनाथ अग्रवाल, संजीव अग्रवाल, अरविंद डालमिया आदि मौजूद थे.
डायलिसिस के हर जरूरतमंद को सब्सिडी, फॉर्म भर कर देना होगा
श्री शर्मा ने बताया कि किडनी के मरीज को सप्ताह में कभी दो तो कभी तीन बार भी डायलिसिस करानी पड़ती है. ऐसे में सामान्य परिवार वालों की भी स्थिति खराब हो जाती है. जो भी लोग सब्सिडी का लाभ लेना चाहते हैं, उन्हें एक फॉर्म भर कर आवेदन देना है. फॉर्म ट्रस्ट की ओर से उपलब्ध कराया जायेगा. इसके बाद प्रति डायलिसिस उन्हें 350 रुपये की छूट दी जायेगी. अस्पताल में बने ट्रस्ट के कार्यालय में इसके लिए संपर्क किया जा सकता है.
न्यूरो व हार्ट की सेवा शुरू करना का वादा पूरा, बाइपास सर्जरी भी जल्द
श्री शर्मा ने कहा कि धनबाद में न्यूरो व हार्ट के मरीजों को इलाज के लिए बाहर जाना पड़ता था. कइयों की जान रास्ते में ही चली जाती थी. इसी सबको देखते हुए जीवन रेखा ट्रस्ट ने एशियन ग्रुप से करार किया. अस्पताल का पहला फेज पूरा हुआ. यहां न्यूरो व हार्ट का इलाज शुरू हो गया है. जल्द ही हार्ट की बाइपास सर्जरी भी कुछ माह में शुरू हो जायेगी. अगले छह माह में दूसरे फेज के तहत कैंसर सहित अन्य सुपरस्पेशियलिटी सेवा के लिए काम शुरू होगा.
घाटा से उबरा जीवन रेखा ट्रस्ट, स्थिति बेहतर हुई
ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि एशियन के आने से पहले जीवन रेखा ट्रस्ट घाटे में चल रही थी. इससे काफी परेशानी हो रही थी. हम लोग ज्यादा डिस्काउंड या लाभ नहीं दे पा रहे थे, लेकिन अब एशियन के आने से ट्रस्ट की स्थिति बेहतर हुई है.
