धनबाद : रंजय सिंह हत्याकांड में डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह के आरोपित मौसेरे भाई हर्ष सिंह द्वारा दायर अग्रिम जमानत की अर्जी पर सोमवार को प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार चौधरी की अदालत में सुनाई हुई. बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बहस की. पुलिस ने केस डायरी अदालत में नहीं प्रस्तुत की. अदालत ने डायरी के लिए अगली तिथि 18 सितंबर मुकर्रर की है. 29 जनवरी, 17 को रंजय सिंह अपने दोस्त राजा यादव के साथ स्कूटी से चाणक्य नगर जा रहे थे, तभी अपराधियों ने घटना को अंजाम दिया था.
रंजय हत्याकांड में हर्ष की अग्रिम जमानत पर सुनवाई
धनबाद : रंजय सिंह हत्याकांड में डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह के आरोपित मौसेरे भाई हर्ष सिंह द्वारा दायर अग्रिम जमानत की अर्जी पर सोमवार को प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार चौधरी की अदालत में सुनाई हुई. बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बहस की. पुलिस ने केस डायरी अदालत में नहीं प्रस्तुत की. अदालत […]

धनसार गोलीकांड : नहीं हाजिर हुए एकलव्य
सद्भाव आउटसोर्सिंग के धनसार पैच में जनता मजदूर संघ (बच्चा गुट) व भाजपा समर्थकों के बीच हुई हिंसक झड़प, फायरिंग व बम विस्फोट मामले की सुनवाई सोमवार को जिला व सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार दूबे की अदालत में हुई. अभियोजन कोई गवाह प्रस्तुत नहीं कर सका. अदालत ने साक्ष्य के लिए अगली तिथि 24 सितंबर निर्धारित की. अदालत में आरोपी डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह उर्फ छोटे सिंह समेत कई आरोपी गैरहाजिर थे. उनकी ओर से उनके अधिवक्ता दंप्रसं की धारा 317 का आवेदन दायर किये. 18 अक्तूबर, 2016 को दोनों पक्षों के बीच यह घटना घटी थी.
जानलेवा हमले में चार को सात वर्ष की सजा
बाड़ी जोतने के विवाद में जारमेन हांसदा पर कुल्हाड़ी से हुए हमला मामले में सोमवार को जिला व सत्र न्यायाधीश पंद्रह सुरेंद्र शर्मा की अदालत ने सजा सुनाया. टुंडी निवासी श्यामलाल मुर्मू, लगन मुर्मू, कोलेश्वर मुर्मू व लखी राम मुर्मू को भादंवि की धारा 341 में एक माह, 323 में एक वर्ष व धारा 307 में दोषी पाकर सात वर्ष कैद व पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई. सभी सजाएं एक साथ चलेंगी. 21 जून, 2013 को सुबह छह बजे जारमेन हांसदा अपने भाई सुरेश हांसदा के साथ बाड़ी जोतने गया था. उसके मामा का बेटा कोलेश्वर मुर्मू बाड़ी जोतने से मना किया. इसी बीच दोनों के बीच विवाद हो गया. जारमेन की पत्नी शांति देवी का हाथ तोड़ दिया.
आयकर घोटाला में आयुक्त व एओ का बयान दर्ज
आयकर विभाग, बोकारो के कतिपय अधिकारियों द्वारा निजी लोगों से मिलीभगत से कर चोरी कर विभाग को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाने के मामले की सुनवाई सोमवार को सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश चतुर्थ रवि रंजन की अदालत में हुई. अभियोजन की ओर से जमशेदपुर के आयकर आयुक्त श्याम कुमार व प्रशासनिक अधिकारी अश्विनी कुमार दास आयकर विभाग बोकारो ने गवाही दी. आयकर आयुक्त श्री कुमार ने अदालत को बताया कि उन्होंने आरोपितों के खिलाफ अभियोजन चलाने की स्वीकृति प्रदान की थी. वहीं एओ अश्विनी कुमार दास ने भी घटना की पुष्टि की.
याद रहे कि 7 नवंबर, 2014 को सीबीआइ ने अभय कुमार दास टैक्स रिकवरी अधिकारी (बोकारो) व वरुण कुमार सिन्हा आयकर अधिकारी (बोकारो) के खिलाफ प्राथमिकी आरसी 12-14 दर्ज कर जांच शुरू की थी. 16 जुलाई, 2018 को अदालत ने आरोप तय किया. यह घोटाला 11 लाख 54 हजार 450 रुपये का है.