धनबाद : धनबाद जिला में कोयला चोरी पूरी तरह रोकने के लिए प्रशासन सख्त हो गया है. इसको लेकर उपायुक्त ए दोड्डे ने शुक्रवार को खनन टास्क फोर्स की बैठक की. डीआरडीए सभागार में हुई बैठक में उपायुक्त ने कहा कि किसी भी हालत में जिला में अवैध खनन व कोयला चोरी नहीं चलने दी जायेगी. बीसीसीएल व इसीएल के जिन-जिन क्षेत्रों में अवैध खनन चल रहा है, वहां खदान के मुहानों को डोजरिंग कर अविलंब बंद कराया जाये.
उन्होंने कहा कि दामोदर नदी के किनारे से नाव से कोयला टपाया जा रहा है. इसमें स्थानीय कुछ लोगों की संलिप्तता भी उजागर हुई है. इस पर रोक लगाने को लेकर बीसीसीएल, सीआइएसएफ व स्थानीय पुलिस समन्वय स्थापित कर कार्रवाई करें. उन्होंने कहा कि बैठक का उद्देश्य संबंधित विभागों में आपसी समन्वय स्थापित कर अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई को शीघ्रता प्रदान करना है.
उन्होंने अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने वाले संबंधित विभागों के पदाधिकारी को कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिये. वरीय पुलिस अधीक्षक मनोज रतन चोथे ने कहा कि अवैध खनन की रोकथाम को लेकर विधि-सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी. बैठक में सिटी एसपी पीयूष पांडेय, ग्रामीण एसपी आशुतोष शेखर, अपर समाहर्ता (विधि-व्यवस्था) राकेश दुबे, डीओएम, डीएफओ सौरभ चंद्रा, डीटीओ पंकज साव के अलावा बीसीसीएल के सभी एरिया के महाप्रबंधक व अंचलाधिकारी उपस्थित थे.
औद्योगिक अशांति स्वीकार्य नहीं : केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के डीआइजी पी रमण ने कहा कि देशहित में कोयला उत्पादन आवश्यक है. ऐसे में कोलियरी क्षेत्रों की खनन परियोजना में किसी प्रकार की बंदी से सीआइएसएफ सख्ती से निबटेगा. किसी भी कीमत पर औद्योगिक अशांति स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने कहा कि अवैध खनन व कोयला चोरी पर पूरी तरह से रोक लगाने की दिशा में भी सीआइएसएफ गंभीर रहा है.
