चार माह से बनकर तैयार है सदर अस्पताल, ओपीडी सेवा शुरू करने की अपील

धनबाद : धनबाद में सदर अस्पताल के फिर से खुलने में अभी और वक्त लगेगा. चिकित्सकों की कमी फिलहाल इसमें बड़ी बाधा बनकर उभरी है. ऐसे में सिविल सर्जन ने सरकार को पत्र लिखकर फिलहाल ओपीडी सेवा शुरू करने की अपील की है. इसके लिए एक प्रपोजल बना कर मुख्यालय को भेजा है. इसमें सिविल […]

धनबाद : धनबाद में सदर अस्पताल के फिर से खुलने में अभी और वक्त लगेगा. चिकित्सकों की कमी फिलहाल इसमें बड़ी बाधा बनकर उभरी है. ऐसे में सिविल सर्जन ने सरकार को पत्र लिखकर फिलहाल ओपीडी सेवा शुरू करने की अपील की है. इसके लिए एक प्रपोजल बना कर मुख्यालय को भेजा है.
इसमें सिविल सर्जन ने सदर अस्पताल के लिए एक उपाधीक्षक सहित एक दर्जन विशेषज्ञ चिकित्सकों की मांग की है. चिकित्सकों में स्त्री व प्रसूति रोग, शिशु रोग, इएनटी, नेत्र रोग, हड्डी रोग (सभी दो-दो चिकित्सक) विशेषज्ञ की मांग की गयी है.
पहले अस्पताल खोलने को मांगे थे 32 डॉक्टर : इससे पहले जून में जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पताल खोलने के लिए (ओपोडी व इंडोर) 32 चिकित्सक व 76 नर्स, पारा मेडिकल स्टॉफ, ड्रेसर, ओटी असिस्टेंट सहित कई तकनीशियनों की मांग की थी, लेकिन पूरे राज्य में चिकित्सकों की कमी से चिकित्सक व कर्मी उपलब्ध नहीं हो पाये हैं. ऐसे में फिलहाल अभी ओपीडी खोलने की ही मांग की जा रही है.
दस वर्ष लग गये अस्पताल बनने में : सदर अस्पताल को वर्ष 2008 में सरकार ने स्वीकृति प्रदान की थी. नियमानुसार 18 माह में अस्पताल बनाने की बात कही गयी थी. तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री भानु प्रताप शाही ने शिलान्यास किया था. चार करोड़ 88 लाख की स्वीकृति मिली थी, लेकिन दो वर्ष तक जमीन ही नहीं मिली. वर्ष 2013 में लागत राशि बढ़ कर 5 करोड़ 37 लाख रुपये हो गयी. वहीं सदर अस्पताल में कई अनियमितताएं भी उजागर हुईं. तीन बार हाई कमेटी समेत विधानसभा की समिति ने भी निरीक्षण किया. दस साल बीतने के बाद अस्पताल बना.

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