धनबाद : रक्षाबंधन के दिन भी लोगों को पानी-बिजली संकट से दो-चार होना पड़ा. जहां नगर निगम क्षेत्र के पांच जलमीनार पुराना बाजार, मटकुरिया, भूदा, वासेपुर व स्टीलगेट से रविवार को जलापूर्ति नहीं हुई. वहीं छह जलमीनार से सुबह की जगह शाम को पानी चला. इसमें सबसे देर से बरमसिया जलमीनार से जलापूर्ति हुई. यहां शाम को 7:00 बजे जलापूर्ति की गयी.
धनसार में शाम 6:30 बजे, मनईटांड़ में शाम 6:00 बजे, हिल कॉलोनी में शाम के 5:20 बजे, पॉलिटेक्निक में शाम 5:00 बजे और भूली में अपराह्न 3:30 बजे जलापूर्ति की गयी. पेयजल विभाग के अनुसार बार-बार बिजली आने-जाने से जलमीनार में पानी ही नहीं चढ़ पा रहा था.
लगा रहा बिजली का आना-जाना : पेयजल विभाग के मुताबिक शनिवार से ही बिजली का आना-जाना लगा रहा. सुबह 10:00 बजे बिजली कटने के बाद शाम को 4:25 बजे आयी. स्टॉक में पानी जमा होने के कारण शनिवार को हीरापुर छोड़ कर सभी जलमीनार से जलापूर्ति कर दी गयी. मगर बिजली ने लगातार परेशान किया. 4:25 में बिजली आने के बाद दोबारा 5:20 में कट गयी, उसके बाद 6:00 बजे बिजली आयी. दोबारा 6:20 में फिर से बिजली कट गयी और 8:40 रात को आयी.
रात में 9:05 में फिर से बिजली कटी और 9:20 में बिजली आयी. दोबारा 9:35 में फिर से बिजली कटी और 10:40 में आयी. उसके बाद 10:55 में दोबारा बिजली कटी और रात को 11:40 में बिजली आयी. यह सिलसिला रात भर चलता रहा. अगले दिन अपराह्न 11:50 में फिर से बिजली कट गयी और 1:40 में आयी. 2:00 बजे तक बिजली रहने के बाद फिर से कट गयी और 3:00 बजे बिजली आयी. 3:15 में दोबारा बिजली कटी और 3:35 में आयी उसके बाद शाम को 5:00 बजे बिजली कटी और 6:00 बजे आयी.
बिजली कटने से 40 मिनट बरबाद
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के एसडीओ बताते हैं कि बिजली कटने से पंप बंद हो जाता है. फिर बिजली आने पर पंप को चालू करने में 40 मिनट का समय लगता है. इस तरह की लोड शेडिंग होगी तो भला कैसे जलमीनार भर पायेगा.
