धनबाद : सांसद पशुपति नाथ सिंह ने कहा है कि धनबाद शहर को जाम से मुक्त करने के लिए गया पुल का दोहरीकरण जरूरी है. यह कम समय में पूरा होने वाला प्रोजेक्ट है. जबकि फ्लाइओवर में बहुत वक्त लगेगा. रविवार को प्रभात खबर से बातचीत में सांसद ने कहा कि धनबाद में जाम के चार बड़े स्थल हैं.
ये हैं गया पुल रांगाटांड़, बैंक मोड़, बरटांड़ तथा स्टील गेट. इस मुद्दे पर 21 अगस्त को मुख्यमंत्री रघुवर दास से लंबी बातचीत हुई है. सीएम से कहा कि गया पुल के दोहरीकरण से रांगाटांड़ तथा बैंक मोड़ के जाम की समस्या समाप्त हो जायेगी. यहां वन वे ट्रैफिक लागू करना होगा. रेलवे को प्रोजेक्ट के लिए प्रस्ताव राज्य सरकार को देना होगा. रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से बात कर केवल एनओसी लेना होगा. सीएम इसके लिए तैयार हो गये हैं. जल्द ही इसको धरातल पर उतारने का प्रयास होगा. कहा कि फ्लाइओवर का प्रोजेक्ट स्वीकृत कराने में कई तकनीकी परेशानी है. साथ ही इसको धरातल पर उतारने में समय लगेगा.
झरिया पुल से धनसार तक बने सड़क : सांसद ने कहा कि सीएम को बंद झरिया पुल से धनसार तक सड़क बनाने का भी सुझाव दिया गया है. इससे झरिया, सिंदरी जाने वालों को बैंक मोड़ जाने वाली सड़क से नहीं जाना होगा. कहा कि जोड़ाफाटक रोड के बहुत चौड़ीकरण का स्कोप नहीं बचा है. इसलिए झरिया पुल से धनसार तक बंद रेल लाइन पर ही सड़क बनाना ज्यादा आसान होगा. फोर लेन सड़क बनने के बाद बरटांड़ व स्टील गेट में जाम की समस्या स्वत: समाप्त हो जायेगी.
बिजली संकट पर डीवीसी से बात करेंगे
कोयलांचल में लगातार बढ़ रहे बिजली संकट के सवाल पर सांसद ने कहा कि डीवीसी एवं जेवीएनएल दोनों एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा कर उलझा देते हैं. पिछले दिनों केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री के साथ हुई बैठक में इस मुद्दे को उठाया था. कहा था कि धनबाद जैसे जिले को 10 से 12 घंटे ही बिजली मिलती है. मंत्री ने डीवीसी को स्पष्ट निर्देश दिया था कि कम से कम 20 घंटे बिजली मिलनी चाहिए. सोमवार को इस मुद्दे पर डीवीसी के चेयरमैन से बात करेंगे. साथ ही जेवीएनएल के अधिकारियों से भी बात करेंगे. रात में लोड शेडिंग बर्दाश्त नहीं की जायेगी.
समन्वय स्थापित करायें डीसी
सांसद ने कहा कि पानी-बिजली संकट निदान के लिए उपायुक्त को समन्वय कराना चाहिए. यह डीसी की जिम्मेदारी है कि संबंधित विभागों के बीच बैठक करा कर समस्या का समाधान करायें. त्योहार का मौसम है. अगर पानी-बिजली नहीं मिलेगा तो जनता परेशान होगी ही. जरूरत पड़ी तो ऊपर भी बात करेंगे.
