धनबाद : रिकवरी एजेंट उपेंद्र सिंह गोलीकांड में आरोपी उसके चचेरे भाई प्रियव्रत उर्फ पिंटू सिंह ने शुक्रवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रांजीव रंजन की अदालत में आत्म समर्पण कर दिया. आत्म समर्पण कर जमानत अर्जी दायर की. अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पुलिस से केस डायरी की मांग की. पिंटू को न्यायिक हिरासत में धनबाद जेल भेज दिया गया है.
पुलिस पूछताछ के लिए पिंटू को रिमांड पर लेगी. मामले में सरेंडर के बाद ऋतिक खान जेल में है. पुलिस ने जेल में बंद प्रिंस खान को भी केस में रिमांड पर लिया है. ऋतिक ने 30 जुलाई को सरेंडर किया था. प्रिंस ने दूसरे केस में सरेंडर किया था. आरोप है कि पिंटू ने एक लाख सुपारी देकर लिये शूटर हायर किया था. राजेश चौहान ने शूटर व हथियार उपलब्ध कराये थे.
बैंक मोड़ पुलिस ने मटकुरिया रेलवे कॉलोनी निवासी रिकवरी एजेंट उपेंद्र सिंह गोलीकांड में शामिल तीन शूटरों भीम सिंह (पिता विनय सिंह), अमित पासवान (पिता अर्जुन पासवान) व सूरज सिंह (पिता शंभु सिंह) तीनों नया धौड़ा कुस्तौर, थाना केंदुआडीह) को 27 मई को पकड़ा था. पल्सर बाइक सवार तीनों केंदुआडीह से धनबाद स्टेशन की ओर आर रहे थे. पुलिस तलाशी में भीम के पास से एक पिस्टल, दो जिंदा गोली, अमित के पास से एक पिस्टल दो जिंदा गोली मिली थी.
तीनों ने पुलिस को बताया था कि राजेश चौहान के कहने पर उपेंद्र पर गोली चलायी थी. पिंटू ने अपने चचेरे भाई उपेंद्र की हत्या के लिए एक लाख रुपये देने की बात कही थी. हालांकि पिंटू ने 50 हजार रुपये ही दिये थे. पुलिस मामले में तीनों की पहचान परेड भी करा चुकी है. जेल में परेड में उपेंद्र तीनों की पहचान कर चुका है. भीम व अमित फायरिंग कर रहा था. कुछ दूरी पर सूरज व पिंटू बाइक स्टार्ट कर खड़ा था. घटना 22 मार्च की शाम की थी.
