धनबाद : विधायक संजीव सिंह के खासमखास रहे स्व रंजय सिंह की पत्नी रूमी देवी ने आरोप लगाया है कि पुलिस व मामा मिल कर उसके पति की हत्या के षडयंत्रकारियों को बचा रहा है. मामा बिका हुआ है और पुलिस उसके अनुसार काम कर रही है. मामा अपने संरक्षण देने वालों के कहने पर पर ही बयान दे रहा है. मामा ने हत्या की यह सही है, लेकिन किसके कहने पर की, यह क्यों छिपा रहा है.
रूमी ने प्रभात खबर को फोन पर बताया कि धनबाद पुलिस पर भरोसा नहीं है. धनबाद की पुलिस उसके पति (रंजय ) हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपियों पर कार्रवाई नहीं कर सकती है. पुलिस 18 महीने से क्या कर ही थी. पुलिस 18 माह में आरोपियों को बचाने के लिए लीपापोती कर रही थी. आरा पुलिस तो बधाई की पात्र है जिसने मामा को गिरफ्तार किया.
अब मामा जो कह रहा, वह सही है या पुलिस कहवा रही है यह समझ से परे है. केस में सरायढेला थाना प्रभारी ने कोई कार्रवाई नहीं की, अभी तक अभियुक्तों को बचाने के लिए कार्रवाई चल रही है. सरायढेला थाना प्रभारी निरंजन तिवारी से उसे न्याय की उम्मीद नहीं है. उनके रहते केस के सही आरोपी पकड़े नहीं जायेंगे.
हर्ष से हुआ था झगड़ा : रूमी का कहना है कि उसके पति (रंजय) का दिसंबर माह (2016) में डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह के रिश्तेदार हर्ष सिंह से झगड़ा हुआ था. हर्ष ने उसके पति को जान मारने की धमकी दी थी. उसके पति ने भी हर्ष को हथियार दिखाकर कहा था कि तुम्हारी औकात नहीं है. पति ने उसे यह बात बतायी थी. अगर मामा से विवाद हुआ रहता तो वह बताये रहते.
पुलिस गलत कर रही है, भगवान देख रहे हैं : रूमी ने आरोप लगाया कि उसके पति की हत्या के 18 महीने में पुलिस हत्यारों को पकड़ने की बजाय बचाती रही. पुलिस गलत कर रही है. ऊपर वाला सब देख रहे हैं. गलत करने वालों का भला नहीं होगा.
रंजय की पत्नी ने कहा
पुलिस मामा से मिल कर षडयंत्रकारी को बचा रही है
सरायढेला थाना प्रभारी से न्याय की उम्मीद नहीं
धनबाद पुलिस पर भरोसा नहीं, बाहरी एजेंसी करे जांच
मामा की अकेले औकात नहीं कि उसके पति की हत्या कर दे
रूमी ने आरोप लगाया कि मामा ने भले ही उसके पति को गोली मारी, लेकिन उसके पीछे कौन था, यह धनबाद की जनता व पुलिस जानती है. पुलिस जान कर भी अनजान बन रही है. पुलिस मामा के पीछे के लोगों को बचा रही है. वह चुप नहीं बैठने वाली है. पति के हत्यारों से न्याय के लिए वह कानून व कोर्ट का दरवाजा खटखटायेगी. मामा को खाने के लिए दाना नहीं है.
वह शूटर भाड़े पर लाकर मेरे पति की हत्या करायेगा. मामा से कभी उसके पति का विवाद नहीं हुआ था. मामा झूठ बोल रहा है. मामा के संरक्षण देने वाले झूठ बोलवा रहे हैं. मामा की औकात नहीं थी कि वह उसके पति को गोली मारकर हत्या कर देता. बगैर बैकिंग के मामा ऐसा नहीं कर सकता है.
