धनबाद : नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) बिल को लेकर शनिवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल (सुबह छह से शाम छह बजे तक) में कुछ सदस्यों के प्रैक्टिस जारी रखने पर आइएमए में भारी नाराजगी है. रविवार को दिन भर वाट्सएप ग्रुप में सहयोग नहीं करने वाले चिकित्सकों पर खूब शब्दबाण चले.
प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों के पास कोई शब्द नहीं मिल रहा था. वे तरह-तरह के बहाना खोजते रहे. आइएमए के पदाधिकारी अब ऐसे चिकित्सकों, क्लिनिक, अस्पताल व जांच घरों को चिह्नित करने में लगे हैं, जिन्होंने हड़ताल में सहयोग नहीं किया.
हालांकि मीडिया में खुलकर बोलने से सभी बच रहे हैं.
बहाना बना रहे चिकित्सक : प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सक अब बहाना बनाने लगे हैं. उनका कहना है कि मरीज काफी गंभीर था, इमरजेंसी के आधार पर सेवा दी गयी. इसी तरह से अन्य चिकित्सक अलग-अलग बहाना बना रहे हैं.
हड़ताल के बाद भी खुले ओपीडी-जांच केंद्र
शहर के एक प्रतिष्ठित निजी अस्पताल में हड़ताल के दिन शनिवार को दोपहर दो बजे तक ओपीडी चलता रहा. इसके बाद आइएमए पदाधिकारियों ने फोन करके नाराजगी जतायी.
नया बाजार के पास एक जांच घर ने हड़ताल के दिन सामने का शटर गिरा पीछे से मरीजों की रेडियोलॉजी व पैथोलॉजी जांच की. अब आइएमए नाराज है.
हाउसिंग कॉलोनी के पास एक क्लिनिक चलता रहा. इसकी जानकारी पर आइएमए ने नाराजगी जतायी.
स्टील गेट के पास एक निजी अस्पताल में ओपीडी चलता रहा. आइएमए ने अस्पताल को फोन किया, इसके बाद दोपहर दो बजे ओपोडी बंद किया गया. हालांकि इसके बाद भी चुपके से ओपीडी चला.
हीरक रोड में चिकित्सक ने ओपोडी में मरीजों को देखा.
पीएमसीएच में निर्बाध ओपीडी चलता रहा.
