धनबाद : ‘डिप्रेशन से बचना है तो खुद को कर लें व्यवस्थित’

धनबाद : एक गलत धारणा यह भी है कि डिप्रेशन या दिमागी तकलीफें सिर्फ उसे ही होती हैं, जिसकी जिंदगी में कोई बहुत बड़ा हादसा हुआ हो या जिसके पास दुखी होने की बड़ी वजहें हों. लोग अक्सर पूछते हैं, ‘तुम्हें डिप्रेशन क्यों है? क्या कमी है तुम्हारी लाइफ में?’ यह पूरी तरह से गलत […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 20, 2018 5:48 AM
धनबाद : एक गलत धारणा यह भी है कि डिप्रेशन या दिमागी तकलीफें सिर्फ उसे ही होती हैं, जिसकी जिंदगी में कोई बहुत बड़ा हादसा हुआ हो या जिसके पास दुखी होने की बड़ी वजहें हों. लोग अक्सर पूछते हैं, ‘तुम्हें डिप्रेशन क्यों है? क्या कमी है तुम्हारी लाइफ में?’ यह पूरी तरह से गलत है. डिप्रेशन के दौरान इंसान के शरीर में खुशी देने वाले हॉर्मोन्स जैसे कि ऑक्सिटोक्सीन का बनना कम हो जाता है.
यही वजह है कि डिप्रेशन में आप चाहकर भी खुश नहीं रह पाते. इसे दवाइयों, थेरेपी और लाइफस्टाइल में बदलाव लाकर बेहतर किया जा सकता है. उक्त बातें धनबाद के होमियोपैथ चिकित्सक डाॅ सीबी मेहता ने कही. उन्होंने कहा कि डिप्रेशन किसी भी उम्र में हो सकती है.
डिप्रेशन के बीमारी से ग्रसित व्यक्ति का साथ परिवार को देना चाहिए. डॉ मेहता ने बताया कि भागदौड़ कि जिंदगी मे डिप्रेशन जीवन का अभिन्न अंग बन चुका है. चाहे वह किसी भी उम्र का क्यों न हो. तनाव अनेक मनोविकारो का प्रवेश द्वार है. उससे मन अशांत भावना स्थिर एवं शरीर अस्वस्थता का अनुभव करता है. ऐसी स्थिति मे शारीरिक एव मानसिक विकास यात्रा मे रुकावट पैदा होती है.
यदि आपको डिप्रेशन से बचना है तो खुद को व्यवस्थित कर लीजिए. इसमे कोई खर्च नहीं है. सिर्फ अपनी दिनचर्या ओर काम कार्य को सही तरीके से करने की जरूरत है. साथ ही ताजा प्राकृतिक भोजन ही आपके सेहत के लिए उचित है. डॉ मेहता ने बताया कि डिप्रेशन के रोगियों के लिए श्री राम प्लाजा मे क्लिनिक की शुरुआत की गयी है.