धनबाद : कतरास के एक युवक का एटीएम कार्ड छीन भागने के क्रम में पकड़े गये दो साइबर अपराधियों ने पुलिस पूछताछ में सनसनीखेज खुलासा किया है. इनका गिरोह लोगों को झांसा दे व एटीएम कार्ड बदल कर तीन साल में बैंक खातों से 50 लाख से अधिक की रकम निकाल चुका है. गिरोह का सरगना रांची जिले के निजाम नगर हिंदपीढ़ी निवासी अब्दुल रऊफ का पुत्र मो. इमरान आलम है. इमरान और उसका साथी बिहार के गया जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र के चोवर निवासी नरेश सिंह का बेटा विवेक कुमार रविवार को मौके से भाग निकले थे, जबकि संजय शर्मा व उसका जीजा रंजीत कुमार गिरफ्तार कर लिये गये.
संजय रांची के धुर्वा का रहनेवाला है. वहीं रंजीत बिहार के गया जिले के फतेहपुर का निवासी है. ये लोग एटीएम में लोगों को झांसा देकर कार्ड बदल लेते थे या मौका मिलने पर एटीएम कार्ड छीन लेते थे. बीते रविवार को गिरोह के चार सदस्यों ने धनबाद थाना क्षेत्र के रांगाटांड़ स्थित एसबीआइ की एटीएम से पैसे निकाल रहे तेतुलमारी के युवक अभिषेक कुमार सिंह से उसका कार्ड छीन लिया था. हो-हल्ला होने के बाद चारों वैगन आर गाड़ी संख्या जेएच 01सीयू 5451 से भागने लगे.
बेकारबांध के समीप दुर्घटना के चलते सड़क जाम होने से दो अपराधी कार समेत पकड़ में आ गये, जबकि दो मौके से फरार हो गये. संजय शर्मा पुलिस का बर्खास्त हवलदार है. सिटी एसपी पीयूष पांडेय ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पकड़ी गयी कार सरगना इमरान की ही है. संवाददाता सम्मेलन में धनबाद थानेदार अशोक कुमार सिंह भी मौजूद थे.
इमरान-विवेक की तलाश में गया व रांची में छापे : धनबाद पुलिस के लिए यह बड़ी सफलता मानी जा रही है. मो. इमरान व विवेक की सरगर्मी से तलाश जारी है. इनके कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा चुकी है. गया व रांची में भी छापेमारी की गयी है. संजय व रंजीत को पूछताछ के बाद बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया. दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. दोनों के पास से कई बैंकों के 33 एटीएम कार्ड, कई पैन कार्ड, आधार कार्ड आदि कागजात बरामद हुए हैं. यह गिरोह झारखंड व बिहार में सक्रिय था. गया व रांची में कार्ड बदल कर लाखों की रकम निकाल चुके हैं. इमरान पहले भी जेल जा चुका है.
