झरिया : बिहार के जमुई जिला के रहनेवाले पिता अपनी गर्भवती पुत्री (24) का इलाज कराने शनिवार को ट्रेन से धनबाद उतरे थे. वहां से उन्हें सेंद्रा बांसजोड़ा अपने बड़े दामाद के घर जाना था. दामाद बीसीसीएल कर्मी हैं. पिता-पुत्री धनबाद स्टेशन से सेंद्रा बांसजोड़ा जाने के लिए एक ऑटो भाड़े पर लिये. रमेश ठाकुर स्टेशन पर ही गाड़ी पर सवार हुआ.
वहीं बबला व तरुण रांगाटांड़ में चढ़े. चालक विक्की रवानी सेंद्रा बासजोड़ा जाने के क्रम में केंदुआ पहुंचा और वहां से ऑटो को झरिया रोड की ओर मोड़ दिया. इस पर महिला को ऑटो के गलत रास्ते पर जाने का शक हुआ. उसने तुरंत इसकी जानकारी फोन पर अपने जीजा को दी. जीजा को फोन करते देख सभी आरोपी हरकत में आ गये.
भालगढ़ा के समीप ऑटो रोक महिला से उसका मोबाइल छीन कर तोड़ दिया और उसके साथ जोर-जबर्दस्ती करने लगे. इस दौरान
उसके पिता को अपने कब्जे में ले लिया था. महिला व उसके पिता ने विरोध किया तो अपराधियों ने उनकी पिटाई भी की.
देवदूत बन कर आये युवक
देर रात करीब डेढ़ बजे भालगढ़ा में एक धार्मिक कार्यक्रम के आयोजन की तैयारी में कुछ युवा जुटे थे. युवकों ने होरिलाडीह कब्रिस्तान के समीप एक ऑटो को संदिग्ध अवस्था में खड़ा दिखा, तो वहां पहुंचे. उनलोगों ने देखा कि ऑटो में सवार एक महिला से कुछ युवक जबर्दस्ती कर रहे हैं. यह देख युवकों ने बोर्रागढ़ ओपी प्रभारी किशुन दास व झरिया इंस्पेक्टर यूएन राय को इसकी सूचना दे दी.
इसी बीच झरिया थाना का गश्ती दल वहां पहुंच गया. इसमें सअनि विजय सिंह, बोर्रागढ़ ओपी प्रभारी किशुन दास व पुअनि राजेंद्र चौधरी शामिल थे. पुलिस ने ऑटो चालक विक्की रवानी व रमेश ठाकुर को दबोच लिया, वहीं अंधेरे का फायदा उठा मो. बबला व तरुण फरार हो गये. पीड़िता के जीजा भी कुछ लोगों के साथ वहां पहुंच गये. पुलिस व अपने लोगों को देख पिता-पुत्री की जान में जान आयी. घटना से सहमी पीड़िता फफक कर रो पड़ी.
