धनबाद स्टेशन पर अवैध वेंडरों का राज

धनबाद : धनबाद स्टेशन में अवैध वेंडरों का कब्जा है. ट्रेन आते ही वे सामान बेचने लपक पड़ते हैं. इससे लाइसेंसी वेंडरों-स्टॉल का धंधा चौपट होता है. दूसरे अवैध भेंडर जैसा-तैसा सामान बेचते हैं. दाम भी मनमाना वसूलते हैं. यात्रियों से बदसलूकी तक करते हैं. पहले जहरखुरानी की कई घटनाअों में वेंडरों की संलिप्तता सामने […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 13, 2018 5:54 AM

धनबाद : धनबाद स्टेशन में अवैध वेंडरों का कब्जा है. ट्रेन आते ही वे सामान बेचने लपक पड़ते हैं. इससे लाइसेंसी वेंडरों-स्टॉल का धंधा चौपट होता है. दूसरे अवैध भेंडर जैसा-तैसा सामान बेचते हैं. दाम भी मनमाना वसूलते हैं. यात्रियों से बदसलूकी तक करते हैं. पहले जहरखुरानी की कई घटनाअों में वेंडरों की संलिप्तता सामने आयी थी. इन दिनों उपयोग के बाद फेंकी गयी बोतलों में पानी भर कर ट्रेनों में बेचा जा रहा है. इस अवैध कारोबार में आरपीएफ, जीआरपी के साथ-साथ कुछ बाहरी लोगों का पूरा सहयोग रहता है.

इंद्रदेव का चलता है राज : धनबाद स्टेशन पर इंद्रदेव का राज चलता है. जब तक इंद्रदेव नहीं चाहेगा तब तक कोई भी वेंडर स्टेशन पर नहीं चढ़ सकता है. इंद्रदेव ही अवैध वेंडरों को तैयार करता है और उसके बाद आरपीएफ व जीआरपी के साथ सांठगांठ करता है. वेंडरों को शिफ्ट के अनुसार स्टेशन पर चढ़ने देता है. धनबाद स्टेशन पर लगभग 150 से ज्यादा अवैध वेंडर सक्रिय हैं. एक वेंडर एक शिफ्ट में 150 रुपया इंद्रदेव को देता है. इस तरह एक महीने में लगभग सात लाख रुपये अवैध वेंडरों से आता है और इसका हिस्सा आरपीएफ व जीआरपी में बांटा जाता है. इसके साथ ही गोमो, कोडरमा, पारसनाथ सहित अन्य स्टेशनों पर भी इनकी अच्छी खासी संख्या है.