मजदूर संगठनों के साथ वार्ता में कोल सचिव सुशील कुमार ने कहा सीएमपीएफओ का इपीएफओ में विलय का प्रस्ताव नहीं
धनबाद. भारत सरकार के कोयला सचिव सुशील कुमार के साथ कोल सेक्टर के चार सेंट्रल ट्रेड यूनियनों की वार्ता शुक्रवार की शाम चार बजे दिल्ली में हुई. वार्ता में मजदूर संगठनों ने कोल इंडिया में 19 से 21 तक आहूत हड़ताल का सबसे ज्वलंत मुद्दा सीएमपीएफओ का इपीएफओ में विलय के प्रस्ताव का मामला उठाया. […]
सरकार इस मुद्दे पर डिप्टी सीएलसी (सी) के साथ कोलकाता में सेटलमेंट के लिए सहमत है. अंतत: सरकार की ओर से 18 जून को कोलकाता में बैठक करने पर सहमति बनी. उक्त बैठक में डिप्टी चीफ लेबर कमिशनर मौजूद रहेंगे. वार्ता में कोल सचिव सुशील कुमार के अलावा कोल इंडिया के कई अधिकारी सहित मजदूर संगठनों से एटक के रमेंद्र कुमार, एचएमएस के नाथुलाल पांडेय, बीएमएस के पीके दत्त एवं सीटू के डीडी रामानंदन आदि मौजूद थे. मालूम हो कि इससे पूर्व 14 जून को कोयला मंत्रालय के एडिशनल कोल सेक्रेटी सुरेश कुमार के साथ आहूत वार्ता का नेताओं ने बहिष्कार किया था. उनका कहना था कि वार्ता कोल सचिव स्तर पर हो तथा हड़ताल के मुद्दे पर इंटक के साथ ही वार्ता करेंगे.
इसके बाद शुक्रवार को कोल सचिव के साथ दिल्ली में वार्ता हुई. जानकारी के अनुसार 18 को होने वाली त्रिपक्षीय वार्ता में डिप्टी सीएलसी (सी), कोल इंडिया प्रबंधन के अलावा पांचों मजदूर संगठन (इंटक भी) शामिल रहेगा. इधर, शुक्रवार की शाम कोल सचिव से वार्ता के बाद दिल्ली से एटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेंद्र कुमार ने दूरभाष पर बताया कि वार्ता सकारात्मक दिशा में है. उन्होंने कहा कि 18 जून को कोलकाता में फिर से बैठक होगी.
