धनबाद जिले के 100 सरकारी आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर स्मार्ट मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गयी है. इसका उद्देश्य छोटे बच्चों को बेहतर प्रारंभिक शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं को व्यापक क्षेत्र में उपलब्ध कराने के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों के अनुकूल और आकर्षक बनाना है. चयनित केंद्रों का निर्धारित मानकों के अनुरूप उन्नयन किया जायेगा.
समग्र केंद्र के रूप में किये जायेंगे विकसित
स्मार्ट मॉडल बनने के बाद ये केंद्र केवल बच्चों के बैठने और पोषण वितरण तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि प्रारंभिक बाल देखभाल एवं शिक्षा के समग्र केंद्र के रूप में विकसित किये जायेंगे. यहां बच्चों की उम्र और जरूरत के अनुरूप शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराने के साथ सीखने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जायेगा.
इस बाबत विभाग ने इच्छुक एजेंसियों से प्रस्ताव जमा लेने की अंतिम तिथि 14 सितंबर तय की गयी है. चयनित एजेंसी को चिह्नित 100 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्धारित विनिर्देश और मानकों के अनुसार उन्नयन करना होगा.
खेल-गतिविधियों से मजबूत होगी बच्चों की नींव
तीन से छह वर्ष के बच्चों के लिए खेल और गतिविधि आधारित शिक्षा पर विशेष जोर दिया जायेगा. केंद्रों में बच्चों को रोचक तरीके से सीखने के अवसर मिलेंगे. भवन की दीवारों पर सीखने से जुड़ी आकर्षक चित्रकारी भी करायी जा सकती है, जिससे पूरा परिसर बच्चों के लिए एक जीवंत शिक्षण संसाधन के रूप में काम करे.
सेवाओं का होगा विस्तार
मॉडल केंद्रों में एलइडी स्क्रीन, सुरक्षित पेयजल के लिए फिल्टर/आरओ, पोषण वाटिका और प्रारंभिक बाल देखभाल एवं शिक्षा सामग्री जैसी सुविधाओं को शामिल किया जा रहा है. स्वच्छ, सुरक्षित और आकर्षक वातावरण बच्चों की नियमित उपस्थिति और सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने में मदद करेगा.
पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी फोकस
आंगनबाड़ी व्यवस्था के तहत बच्चों और लाभुकों को पूरक पोषण, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा, पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और जरूरत पड़ने पर संदर्भन जैसी सेवाएं मिलती हैं। स्मार्ट मॉडल केंद्रों के माध्यम से इन सेवाओं को अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
तकनीक से होगी सेवाओं की निगरानी
आंगनबाड़ी सेवाओं की निगरानी में तकनीक का इस्तेमाल भी बढ़ाया जा रहा है. कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन और वृद्धि निगरानी उपकरण उपलब्ध कराने के साथ पोषण ट्रैकर के जरिये लाभुकों और सेवाओं की निगरानी की जा रही है. मार्च 2026 तक देश में 1,04,403 आंगनबाड़ी केंद्र सक्षम आंगनबाड़ी के रूप में उन्नत किये जा चुके थे. धनबाद के 100 प्रस्तावित स्मार्ट मॉडल केंद्र इसी बदलाव को स्थानीय स्तर पर आगे बढ़ायेंगे.
