पालोजोरी. शुक्रवार को दिन के लगभग 11 बजे से रोहिणी नक्षत्र की पहली बारिश के साथ मौसम का मिजाज बदल गया. झमाझम बारिश के कारण भीषण गर्मी और उमस से लोगों को बड़ी राहत मिली. लोग रोहिणी नक्षत्र को “रोहन नक्षत्र” भी कहते हैं. इस दौरान हुई बारिश को क्षेत्र में कृषि और मानसून के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है. बुजुर्ग किसान महावीर राय ने इस बारिश को कृषि कार्यों के लिए बेहद शुभ बताया. किसानों का कहना है कि रोहिणी नक्षत्र का मौसम खेती पर गहरा प्रभाव डालता है. इस अवधि में होने वाली बारिश धान की खेती और धान के बिचड़ा गिराने के लिए उपयुक्त मानी जाती है. बारिश के बाद किसान अब खेतों की तैयारी में जुटने की योजना बना रहे हैं. शुक्रवार को दिन में लगभग 11 बजे से 2:30 बजे तक बारिश का सिलसिला जारी रहा. इस दौरान करीब एक घंटे तक तेज हवा के साथ झमाझम बारिश हुई. बारिश के कारण कुछ स्थानों पर थोड़ी देर के लिए जलजमाव की स्थिति भी बनी, हालांकि कुछ ही घंटों में पानी निकल गया और स्थिति सामान्य हो गयी. — पालोजोरी में मौसम बदला, भीषण गर्मी से मिली राहत
रोहिणी नक्षत्र की पहली बारिश से धान की खेती को मिलेगा फायदा
पालोजोरी में मौसम बदला, भीषण गर्मी से मिली राहत
