आदिवासी बाहुल्य गांव बोड़वा में बिना पानी की आपूर्ति के ही योजना पूर्ण दिखाकर राशि की कर ली गयी निकासी

सारठ प्रखंड की झिलुवा पंचायत के बोड़वा गांव के बीच टोला में 15 लाख की लागत से सोलर आधारित ग्रामीण लघु जलापूर्ति योजना चालू नहीं हुई. लेकिन योजना में निकासी हो गयी, जिससे ग्रामीणों में रोष है

सारठ . प्रखंड क्षेत्र में भीषण गर्मी के बावजूद सोलर आधारित लघु ग्रामीण जलापूर्ति योजना चालू भी नहीं हुई और लाखों की राशि निकासी कर ली गयी है. मामला सारठ प्रखंड अंतर्गत झिलुवा पंचायत के बोड़वा गांव के बीच टोला का है, जिसमें वित्तीय वर्ष 2023-24 में योजना लगायी गयी. योजना में शिलान्यास के वक्त स्थानीय जनप्रतिनिधि ने टोला के 30 घरों को शुद्ध जल उपलब्ध कराने की घोषणा की थी. वहीं योजना पेयजल एवं स्वच्छता विभाग मधुपुर के द्वारा लगायी गयी. योजना के तहत आठ हजार लीटर क्षमता की जलमीनार की लागत लगभग 15 लाख बतायी गयी है, ग्रामीणों का आरोप है कि योजना तीन माह पूर्व ही पूरी करायी गयी. लेकिन बोरिंग से पानी निकला भी नही ओर संवेदक ने काम पूर्ण दिखा कर योजना मद की राशि अभियंता की मिलीभगत से निकासी कर ली. ग्रामीणों ने कहा कि फोन करने पर न संवेदक मोबाइल रिसीव करते है और न अभियंता. गौरतलब है कि आदिवासी बाहुल्य बोड़वा गांव में चार-चार सोलर आधारित लघु ग्रामीण जलापूर्ति योजना लगायी गयी, जिसमे तीन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गये हैं. ग्रामीणों ने कहा कि योजना से किसी तरह दो दिन में एक बार ही पानी चलता है, जिससे घरेलू काम भी नही हो पाता है. ग्रामीणों ने कहा कि योजना को लेकर मुख्यमंत्री को शिकायत पत्र भेजने की तैयारी है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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