Deoghar News : पॉक्सो एक्ट के दोषी युवक को दो साल की सश्रम सजा

पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में दोषी राेशन जजवाड़े को दो साल की सश्रम सजा सुनायी है.

विधि संवाददाता, देवघर : पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में एडीजे तृतीय सह पॉक्सो एक्ट स्पेशल जज राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत ने दोषी रोशन राज जजवाड़े उर्फ राेशन जजवाड़े को दो साल की सश्रम सजा सुनायी है. साथ ही 24 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया. जुर्माने की राशि पीड़िता को देय होगी. अगर सजा पाने वाला अभियुक्त जुर्माना की राशि अदा नहीं करता है, तो अलग से तीन माह की सश्रम सजा काटनी होगी. सजायाफ्ता नगर थाना क्षेत्र के हरिहर बाड़ी मुहल्ले का रहने वाला है और इसके विरुद्ध एक नाबालिग छात्रा द्वारा जबरन शादी के लिए दबाव डालने व छेड़खानी करने का आरोप लगाया गया था. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से सात लोगों ने घटना के समर्थन में गवाही दी व दोष सिद्ध कराने में सफल रहे. अभियोजन पक्ष से विशेष लोक अभियोजक अजय कुमार साह ने पक्ष रखा, जबकि बचाव पक्ष से अधिवक्ता प्रदीप कुमार झा ने पक्ष रखा. दर्ज मुकदमा के अनुसार सूचक की नाबालिग पुत्री के साथ अभियुक्त ने अश्लील हरकत की व शादी रचाने का दबाव दिया. इनकार करने पर मारपीट कर दी. इस संबंध में पांच सितंबर 2024 को नगर थाना में केस दर्ज हुआ, जिसका स्पीडी ट्रायल चला व एक वर्ष के अंदर फैसला आया. अभियुक्त को अलग-अलग धाराओं ने दोषी पाया व उपरोक्त सजा सुनायी गयी. सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी. हाइलाइट्स स्पेशल जज राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत से आया फैसला दोषी को 24 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया

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Published by: Falguni marik

विगत 32 वर्षों से प्रभात खबर में पत्रकारिता करते आ रहा हूं. विशेष तौर पर कोर्ट से संबंधित खबरों के अलावा श्रावणी विशेषांक -बिल्व पत्र में धार्मिक आलेख लेखन, दुर्गापूजा के अवसर पर निकाली गयी दुर्वाक्षत में धार्मिक लेख लिखने, सामयिक कॉलम कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन का अनुभव है. साथ ही लोक भाषा खोरठा में कविता, कहानी लेखन का अनुभव है. झारखंड अधिविध परिषद रांची के वर्ग अष्टम के पाठ्यक्रम में तथा आचार्य विनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए की कक्षा के पाठ्यक्रम में कविता शामिल हो चुकी है. विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में कविताएं, कहानियां व आलेखों का भी प्रकाशन हो चुका है.

प्रभात खबर में विगत 32 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव. विशेष तौर पर अदालत की खबरों पर पकड़ है. इसके अलावा विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं पर आलेख छपते रहा है. बिल्व पत्र श्रावणी विशेषांक में धार्मिक आलेख, सामयिक कॉलम- कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन करते रहे हैं. लोक भाषा खोरठा की जानकारी है एवं इनकी कविता झारखंड अधिविध परिषद में वर्ग अष्टम तथा बिनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए पाठ्यक्रम में शामिल है.

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