Deoghar News : दुमका डीआइजी ने सारठ व पालोजोरी थाना प्रभारी को किया निलंबित, आदेश जारी

डीआइजी अंबर लकड़ा ने इस मामले में कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में सारठ थाना प्रभारी सूरज कुमार और पालोजोरी थाना प्रभारी प्रभात कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया है.

प्रभात खबर टोली, दुमका/देवघर : साइबर क्राइम के एक आरोपी मेराज अंसारी की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया गया है. संताल परगना प्रमंडल के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआइजी) अंबर लकड़ा ने इस मामले में कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में सारठ थाना प्रभारी सूरज कुमार और पालोजोरी थाना प्रभारी प्रभात कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया है. साथ ही, देवघर साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सहदेव प्रसाद की भूमिका की जांच जारी है. डीआइजी अंबर लकड़ा ने जानकारी दी कि दोनों थाना प्रभारियों के निलंबन से संबंधित आदेश 22 मई को ही उनके कार्यालय से जारी कर दिया गया था और देवघर एसपी कार्यालय को भेज दिया गया है. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि दोनों थाना प्रभारियों ने पूछताछ से पहले मेराज की स्वास्थ्य स्थिति की जांच नहीं करायी, जो गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है.

डीआइजी का बड़ा बयान: स्वास्थ्य जानकारी लिये बिना की गयी पूछताछ

डीआइजी ने सारठ के थाना प्रभारी सूरज कुमार और पालोजोरी के थाना प्रभारी प्रभात कुमार को निलंबित करने के आदेश में जिक्र किया है कि दोनों थानेदारों के द्वारा मेराज के स्वास्थ्य संबंधित जानकारी प्राप्त किये बिना ही मनमाने तरीके से पूछताछ की गयी. जबकि उनलोगों को मेराज के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त करने के उपरांत ही आगे की कार्रवाई की जानी चाहिए थी. इससे स्पष्ट होता है कि ये अपने कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाह हैं और इनका कनीय पदाधिकारियों पर नियंत्रण नहीं है. अतः इन दोनों थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है. इस आदेश की कॉपी डीआइजी कार्यालय से देवघर के एसपी कार्यालय को भेज दी गयी है.

पुलिस कार्रवाई के बाद बिगड़ी थी मेराज की तबीयत

देवघर जिले के पालोजोरी थाना क्षेत्र के दुधानी गांव निवासी मेराज अंसारी को 21 मई को साइबर क्राइम के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया था. इस टीम में पालोजोरी थाना के साथ-साथ सारठ, साइबर थाना और अन्य थानों की पुलिस शामिल थी. गांव से हिरासत में लेने के बाद ही मेराज की तबीयत बिगड़ने लगी थी. उसे पहले सारठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था, जहां से हालत गंभीर होने पर देवघर सदर अस्पताल रेफर किया गया था. अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था. पुलिस हिरासत में हुई मौत के कारण पूरे इलाके में तनाव हो गया था.

मौत के बाद फूटा था आक्रोश, बाजार बंद और पथराव भी हुआ था

22 मई को मेराज की मौत की खबर फैलते ही पालोजोरी थाना के पास भारी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हुए थे. आक्रोशित लोगों ने थाना के सामने प्रदर्शन शुरू कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की थी. मामला बढ़ने पर पथराव की घटनाएं भी हुईं थी और पालोजोरी बाजार को बंद करा दिया गया था. स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिये आस-पास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया था. कुछ देर तक चले संघर्ष के बाद पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए भीड़ को तितर-बितर किया था और हालात पर काबू पाया था. इसके बाद बाजार दोबारा खुला और स्थिति सामान्य हुई थी.

हाइलाइट्स

-साइबर क्राइम के आरोपी मेराज अंसारी की हिरासत में हुई मौत का मामला

-डीआइजी अंबर लकड़ा ने आदेश निर्गत कर भेज दिया है देवघर एसपी कार्यालय

-कहा : देवघर साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सहदेव प्रसाद की भूमिका की जांच जारी

-मेराज की तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया था, डॉक्टर ने किया था मृत घोषित

-मौत के बाद पालोजोरी में हुआ था उग्र प्रदर्शन, बाजार बंद व पथराव

-बिना मेडिकल जांच के ही पूछताछ करने को डीआइजी ने बताया लापरवाही

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: ASHISH KUNDAN

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >