मधुपुर. शहर के स्टेशन रोड स्थित लाल बहादुर शास्त्री ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट परिसर में मंगलवार को महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी ने मधुपुर में आयोजित ””सौ साल बेमिसाल”” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें उन सभी स्थानों पर जाने का मौका मिल रहा है. उन्होंने कहा कि मधुपुर में बापू का आगमन हुआ था और अब उनका भी पीछे से आगमन हो रहा है. जिससे उन्हें उनके पदचिह्नों पर चलकर अच्छा लग रहा है. उन्हें महसूस होता है कि जहां बापू गए थे, वहां-वहां कुछ नहीं बदला है. उन्होंने कहा कि आज भी देश में बहुत कुछ नहीं बदला है. उन्होंने उदाहरण दिया कि वे आज भले ही मुंबई में रह रहे हों, लेकिन अगर मधुपुर के बच्चों को मुंबई ले जाया जाये तो वे वहां की चकाचौंध से प्रभावित होंगे. उन्होंने इस बात पर बल दिया कि देश में आर्थिक विषमता की खाई आज भी दिखती है. कहा कि डेढ़ सौ साल के बाद भी बापू की प्रासंगिकता इसलिए बनी हुई है क्योंकि आज भी यह विषमता की गहरी खाई मौजूद है. शहरी नीतियां या योजना आज भी नीचे तक नहीं पहुंच पा रही है. उन्होंने कहा कि बापू की जरूरत आज भी है. उन्होंने कहा कि आज भी झारखंड राज्य में व देश के जंगलों और वनों में रहने वाले लोगों को बेघर किया जा रहा है. उन्होंने मौजूदा समय को ऐसा दौर बताया जहां हमारी आजादी पर गुलामी की बेड़ियां जकड़ी जा रही है. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी इतने सालों बाद भी इसलिए प्रासंगिक है क्योंकि जहां हमारा अधिकार और न्याय प्रभावित होता है, वहां-वहां बापू खड़े नजर आते हैं. उन्होंने देश के लोगों को तैयार रहने का आह्वान किया. देश की आजादी को बचाने और अधिकार को बनाये रखने के लिए रास्ते में उतरने का वक्त आ गया है. उन्होंने एक और बलिदान देने के समय की बात की ताकि देश सुरक्षित हाथों में रह सके. इस अवसर पर ””संदर्भ अतुल्य मधुपुर”” स्मारिका का लोकार्पण किया गया. मौके पर अशोक चौधरी, विजय प्रताभ, कलानंद मणि, डॉ सुनिलम, सौरभ, डॉ अलका, सुधीर गंडोत्रा, घनश्याम, शिव कुमार गुप्ता, विधायक प्रतिनिधि शब्बीर हसन, रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन डॉ अरुण कुमार गुटगुटिया, डॉ सुमन लता, अरविंद कुमार आदि मौजूद थे. हाइलार्ट्स : ””संदर्भ अतुल्य मधुपुर”” स्मारिका का किया गया लोकार्पण
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