वरीय संवाददाता, देवघर. रिखिया थाना क्षेत्र के नोखिल निवासी प्रकाश यादव साइबर ठगी का शिकार हो गये. ठग ने एक परिचित व्यक्ति और थाना स्टाफ का नाम लेकर उनसे इलाज के लिए तत्काल आर्थिक मदद मांगी और विश्वास में लेकर 10 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिये. बाद में खुलासा हुआ कि कॉल करने वाला साइबर ठग था और इलाज के नाम पर उनसे धोखाधड़ी की. प्रकाश ने बताया कि वह पहले रिखिया आश्रम रोड में सीएसपी (कस्टमर सर्विस प्वाइंट) का संचालन करते थे. उनके मोबाइल पर एक फोन कॉल आया. कॉल करने वाले ने खुद को उनके परिचित व्यक्ति से जुड़ा बताया. उसने कहा कि थाना का एक स्टाफ सदस्य रांची में इलाजरत है और उसे तत्काल पैसों की जरूरत है. प्रकाश के अनुसार, कॉल करने वाले ने जिस परिचित और विश्वसनीय व्यक्ति का नाम लिया, उसके कारण उन्हें उसकी बात पर भरोसा हो गया. इसके बाद ठग ने इलाज के लिये तुरंत 10 हजार रुपये भेजने का अनुरोध किया. मानवीय आधार पर सहायता करने की नीयत से उन्होंने बताये गये खाते में 10 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिये. कुछ समय बाद जब प्रकाश ने संबंधित व्यक्ति से संपर्क किया, तब उन्हें जानकारी मिली कि इलाज के नाम पर पैसे मांगने वाला कोई परिचित नहीं, बल्कि साइबर ठग था. इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ और वह शिकायत देने साइबर थाना पहुंचे. ॰परिचित व्यक्ति और थाना स्टाफ का नाम लेकर ठग ने जीता भरोसा ॰खाते में 10 हजार रुपये भेजने के बाद साइबर ठगी होने का हुआ खुलासा
थाना स्टाफ के इलाज के नाम पर रुपये मांगे, रिखिया निवासी से कर ली 10 हजार की साइबर ठगी
रिखिया क्षेत्र के नोखिल निवासी प्रकाश यादव साइबर ठगी का शिकार हो गये. ठग ने एक परिचित व्यक्ति और थाना स्टाफ का नाम लेकर उनसे इलाज के लिए आर्थिक मदद मांगी और 10 हजार रुपये खाते में ट्रांसफर करा लिये
