Deoghar News : 50 से अधिक नर्सों ने एम्स में सीखे करुणामय देखभाल के आधुनिक तरीके

एम्स देवघर में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद की ओर से नैदानिक प्रशिक्षण परियोजना के तहत दो दिवसीय पैलिएटिव केयर कार्यशाला का आयोजन किया गया.

प्रमुख संवाददाता, देवघर : एम्स देवघर में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद की ओर से नैदानिक प्रशिक्षण परियोजना के तहत दो दिवसीय पैलिएटिव केयर कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसमें झारखंड के विभिन्न जिलों से आयीं 50 से अधिक नर्सों ने हिस्सा लिया. प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य गंभीर व जीवन-सीमा वाली बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की देखभाल करने वाली नर्सों की क्लिनिकल क्षमता, संवेदनशील संचार कौशल और दया-भाव आधारित सेवा दृष्टिकोण को मजबूत करना था.

केस आधारित लर्निंग और लाइव डेमो पर आधारित प्रशिक्षण

आयोजन सचिव डॉ कुसुम कुमारी व विशेषज्ञों के नेतृत्व में प्रशिक्षण सत्र इंटरैक्टिव और प्रैक्टिस-ओरिएंटेड ररा. एंड-ऑफ-लाइफ केयर, लक्षण प्रबंधन, पेन असेसमेंट, संचार तकनीक, बुरी खबर देने की प्रक्रिया, नैतिक निर्णय-निर्माण जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई. सिमुलेशन-आधारित स्किल स्टेशनों पर प्रतिभागियों ने वाउंड केयर, सिरिंज ड्राइवर हैंडलिंग, ओपिओइड टाइट्रेशन, और मनोसामाजिक समर्थन कौशल का लाइव अभ्यास किया. विशेषज्ञ वक्ताओं ने बताया कि कम संसाधन वाले क्षेत्रों में पैलिएटिव केयर को मुख्यधारा स्वास्थ्य सेवाओं में शामिल करना अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने कहा कि नर्सें न केवल मरीजों की जीवन गुणवत्ता बढ़ाती हैं, बल्कि परिवार और देखभाल करने वालों का बोझ कम करने में भी निर्णायक भूमिका निभाती हैं. यह देखभाल कैंसर, पुरानी बीमारियों और बाल-जीवन सीमित स्थितियों में बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है. एम्स देवघर के कार्यकारी निदेशक व सीइओ डॉ नितिन गंगाने, चिकित्सा अधीक्षक डॉ सत्य रंजन पात्रा, डीन एकेडमिक डॉ हरमिंदर सिंह और नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो वसंथा कल्याणी ने आइसीएमआर-डीएचआर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे क्षमता-वर्धन कार्यक्रम राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को गुणवत्तापूर्ण बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं. कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता प्रो संतोष चतुर्वेदी (पूर्व निदेशक, एनआइएमएचएएनएस) और प्रो सीमा मिश्रा ( नयी दिल्ली एम्स) रहे. समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिये गये और राज्य में पैलिएटिव केयर सेवाओं के विस्तार, निरंतर शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने का संकल्प लिया गया.

हाइलाइट्स

एम्स में पैलिएटिव केयर का नया मानक, झारखंड की नर्सों को मिला उन्नत क्लिनिकल प्रशिक्षण

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Author: Sanjeet Mandal

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