करौं. प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांव में किसानों ने धान रोपनी प्रक्रिया के तहत अपने खेतों की जुताई कर बिचड़ा डालने के लिए तैयार करके रखा था. पर शुक्रवार को हुइ मूसलाधार बारिश से तैयार किया गया खेत में पानी जमा होने से बिचड़ा नही डाला जा सका. जिससे किसान मायूस है. किसानों ने बताया कि खेत सूखने के बाद ही बिचड़ा डाल पायेंगे. अगर इस बीच फिर पानी हो गया तो बिचड़ा डालने में उनके समक्ष भारी परेशानी हो जायेगी. बताया जाता है कि प्रखंड के करौं, सीरियां, कमलकर, आलमपुर, देवपुर, चकदहा, आसनसोल, रानीडीह, केनबरिया, चांदचौरा, तारापुर, गोविंदपुर, बेहराजाल, डिंडाकोली, दुबरा, सालतर आदि गांव में किसानों की ओर से धान रोपनी के लिए अपने खेतों को जुताई कर बिचड़ा डालने के लिए तैयार किया था. मगर बारिश के कारण किसानों में मायूसी छाया हुआ है.
बेमौसम बारिश ने रोकी धान रोपनी की रफ्तार, किसान चिंतित
मूसलाधार बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर फेरा पानी, बिचड़ा डालने का काम ठप
