मधुपुर. शहर के भेड़वा नावाडीह स्थित राहुल अध्ययन केंद्र में स्वतंत्रता सेनानी क्रांतिकारी शायर अशफाकुल्लाह खां, स्वतंत्रता सेनानी कामाराम भीम व जनकवि अदम गोंडवी को जयंती पर उनको याद किया गया. इस अवसर पर विभूतियों की तस्वीर पर लोगों ने माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया. धनंजय प्रसाद ने कहा कि आज क्रांतिकारियों व जनसरोकार से जुड़े लोगों को समाज भूलती जा रही है. आज छद्म क्रांतिकारियों का भरमार है और दलाल संस्कृति तेजी से पनप रहा है. ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ, संघर्षशील व मेहनतकश इंसान आज हंसिए पर है. आजादी के इतने वर्षों बाद भी क्रांतिकारी शहीदों को शहादत का दर्जा नहीं मिला है और न ही उचित सम्मान ही मिला है. जिसके विरुद्ध क्रांतिकारियों ने लड़ते हुए कुर्बानी दी थी. उन्होंने कहा कि कामाराम भीम महान क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी व आदिवासी के प्रखर नेता के साथ जल, जंगल व जमीन के प्रणेता थे. उन्होंने कहा कि जनकवि अदम गोंडवी ने विकट परिस्थितियों का सामना करते ताजिंदगी गरीब-गुरबां, वंचित, शोषित-पीड़ित की वकालत करते रहे हैं और कुव्यवस्था पर हमेशा चोट करते रहे हैं. ऐसे क्रांतिकारी देशभक्तों व जनकवि को याद करना लाजिमी है. इन्हें कैसे भूलाया जा सकता है. अन्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किये. हाइलार्ट्स : स्वतंत्रता सेनानी शायर अशफाकुल्लाह खां, कामाराम भीम व जनकवि अदम गोंडवी जयंती पर उनको किया गया याद
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