मारगोमुंडा. प्रखंड क्षेत्र के करंजो, मारगोमुंडा, पांडेसिंघा, गोराडीह, कोरीडीह, नोनियाद, महजोरी, बलीडीह, एकद्वारा, पट्टाजोरी, पुरानी चिहुंटिया, फागो आदि जगहों में लोक आस्था का महापर्व छठ शनिवार को नहाय-खाय के साथ शुरू हो गया. इस दौरान नहाय-खाय के साथ महिलाओं ने व्रत की शुरुआत किया. व्रत के दौरान रविवार को खरना, सोमवार को भगवान भास्कर को संध्याकालीन अर्घ्य और मंगलवार को प्रातः कालीन अर्घ्य देने के इस महापर्व का समापन हो जायेगा. बताया जाता है कि छठ सूर्योपासना के लिए प्रसिद्ध पर्व है. सूर्य षष्ठी व्रत होने के कारण इसे छठ व्रत भी कहा जाता है. यह पर्व वर्ष में दो बार मनाया जाता है. पहली बार चैत्र माह में और दूसरी बार कार्तिक माह में, चैत्र शुक्ल पक्ष षष्ठी पर मनाये जाने वाले छठ पर्व को चैती छठ व कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्ठी पर मनाये जाने वाले पर्व को कार्तिकी छठ के नाम से जाना जाता है. पारिवारिक सुख-समृद्धी तथा मनोवांछित फल प्राप्ति के लिए इस महापर्व को मनाया जाता है. पर्व को लेकर चौक-चौराहों हाट बाजारों की रौनक बढ़ गयी है. लोग जरूरत के मुताबिक सामानों की खरीदारी कर रहे हैं.
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