संजीव मिश्रा, देवघर. बाबा बैद्यनाथ मंदिर में बंद पड़े सोलर प्लांट को लेकर प्रकाशित खबर का बड़ा असर देखने को मिला है. मंदिर प्रशासन अब न सिर्फ पुराने प्लांट को दोबारा चालू करने की दिशा में सक्रिय हो गया है, बल्कि सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने की भी तैयारी शुरू कर दी है. प्रस्ताव के तहत जलसार स्थित वर्तमान 100 किलोवाट सोलर प्लांट को अपग्रेड कर 200 किलोवाट करने और पाठक धर्मशाला की छत पर अतिरिक्त 100 किलोवाट का नया सोलर प्लांट लगाने की योजना तैयार की जा रही है.
इस संबंध में टाटा सोलर प्रूफ कंपनी के प्रतिनिधि सत्येंद्र कुमार चौरसिया अपनी तकनीकी टीम के साथ देवघर पहुंचे. टीम ने जलसार स्थित मौजूदा सोलर प्लांट का निरीक्षण करने के साथ पाठक धर्मशाला की छत का भी जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि जलसार में लगे सोलर प्लेट को मामूली तकनीकी अपग्रेडेशन के जरिए 100 से बढ़ाकर 200 किलोवाट किया जा सकता है. वहीं टीम ने पाठक धर्मशाला की छत को भी 100 किलोवाट बिजली उत्पादन के लिए उपयुक्त पायी है.भविष्य में अन्य भवनों पर भी लग सकते हैं सोलर प्लांट
तकनीकी टीम ने निरीक्षण के बाद मंदिर प्रशासन को यह भी सुझाव दिया कि यदि भविष्य में सौर ऊर्जा उत्पादन और बढ़ाना हो, तो प्रशासनिक भवन, उमा भवन संस्कार मंडप और क्यू कॉम्प्लेक्स की छतों पर भी सोलर पैनल लगाया जा सकता है. इन सभी स्थलों पर सोलर सिस्टम स्थापित होने के बाद मंदिर परिसर में डीजल जेनरेटर की जरूरत काफी हद तक समाप्त हो सकती है. इससे जहां डीजल की भारी बचत होगी, वहीं बिजली बिल में भी उल्लेखनीय कमी आयेगी.बिजली और डीजल मद में सलाना पांच करोड़ की हो सकती है बचत
सूत्रों के अनुसार तकनीकी टीम अपनी विस्तृत रिपोर्ट बाबा मंदिर प्रभारी को सौंपेगी. रिपोर्ट के आधार पर स्वीकृति मिलने के बाद कार्य शुरू किया जायेगा. जानकारों की मानें, तो सभी प्रस्तावित स्थलों पर सोलर प्लांट लग जाने के बाद मंदिर प्रशासन को बिजली और डीजल मद में सालाना करीब पांच करोड़ रुपये तक की बचत हो सकती है. इतना ही नहीं, जरूरत से अधिक बिजली उत्पादन होने पर विद्युत विभाग अतिरिक्त बिजली खरीद भी सकता है.हाइलाइटर
॰बाबा मंदिर में बंद पड़ा प्लांट 300 किलोवाट तक होगा अपग्रेड ॰जलसार प्लांट की क्षमता 100 से बढ़ाकर 200 किलोवाट करने की तैयारी॰पाठक धर्मशाला समेत कई भवनों की छत पर सोलर लगाने का प्रस्ताव
॰सालाना पांच करोड़ बचत की संभावना