आदिवासी महिलाओं का शिक्षा व जागरूक होना जरूरी : मरियम

मधुपुर : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विचार गोष्ठी आयोजित

मधुपुर. प्रखंड क्षेत्र के पसिया स्थित बुलाहट संस्था परिसर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पखवारा के अवसर पर एक दिवसीय विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि मरियम टुड़ू, गुलाबी हेंब्रम, सुनीता देवी, विद्या सिंह, प्रेमलता तथा सचिव बेरनादेत तिर्की ने संयुक्त रूप से किया. कार्यक्रम की शुरुआत बहनों की ओर से स्वागत गीत प्रस्तुत कर की गयी. इस अवसर पर गुलाबी हेंब्रम ने महिला दिवस के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि जिन महिलाओं ने अपने अधिकारों के लिए संघर्ष शुरू किया था, उनके संघर्ष से प्रेरणा लेकर आज भी आंदोलन को तेज करने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि पहले महिलाएं अधिकारों से वंचित थीं, लेकिन संघर्ष के बल पर उन्हें मतदान, शिक्षा और समान वेतन जैसे अधिकार प्राप्त हुए. इसके बावजूद आज भी महिलाएं पूरी तरह जागरूक नहीं हैं. मरियम टुड़ू ने कहा कि महिलाओं का शिक्षित और जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इससे परिवार और समाज दोनों का विकास होता है. उन्होंने कहा कि जब महिला शिक्षित होगी तो वह पूरे परिवार को शिक्षित करेगी और अपने अधिकारों को समझकर स्वयं निर्णय लेने में सक्षम बनेगी. प्रेमलता ने कहा कि आदिवासी महिलाएं कोमल होती हैं, जिसका कई बार अन्य लोग अनुचित लाभ उठाते हैं, इसलिए उनका शिक्षित होना जरूरी है. कार्यक्रम के अंत में महिलाओं ने नारी शक्ति को सशक्त बनाने, अपने अधिकारों के लिए लड़ने, महिलाओं की स्थिति सुधारने और बच्चों को शिक्षित करने का संकल्प लिया. कार्यक्रम को सफल बनाने में पुष्पा, मंजू, मती, पार्वती, निशि, अविनाशी,अनीता, साक्षी, सृष्टि की अहम भूमिका रही.

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By BALRAM

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