लोगों को खिलायी गयी एल्बेंडाजोल की गोलियां

मधुपुर : फाइलेरिया उन्मूलन अभियान का एसडीओ ने किया शुभारंभ

मधुपुर. अनुमंडलीय अस्पताल परिसर से मंगलवार को मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के तहत फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की शुरुआत एसडीओ राजीव कुमार व अस्पताल उपाधीक्षक डॉ शाहिद ने डीईसी व एल्बेंडाजोल की दवा खाकर किया. उपाधीक्षक ने कहा कि प्रखंड व शहरी क्षेत्र के सभी विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र समेत बूथ पर बच्चों को फाइलेरिया की दवा खिलायी जा रही है. कहा कि इस अभियान के तहत सभी स्वस्थ व्यक्ति को दवा खानी है. अभियान 10 से 25 फरवरी तक चलेगा. प्रथम दिन बूथ पर व बाकी बचे 14 दिन घर-घर जाकर ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर सभी स्वस्थ व्यक्तियों को दवा खिलायेंगे. जिसमें फाइलेरिया रोग से ग्रसित व्यक्ति और स्वस्थ व्यक्ति को भी डीईसी व एल्बेंडाजोल की गोली खिलायी जायेगी. उन्होंने कहा कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में 2 लाख 55 हजार 64 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य है. इसके लिए 46 सुपरवाइजर, 626 ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर, 9 मॉनिटर प्रतिनियुक्त किया गया है. प्रथम दिन दवा खिलाने के लिए 251 बूथ बनाया गया है. यह बीमारी संक्रमित मादा कुलेक्स मच्छर के काटने से होता है. संक्रमित मच्छर अगर स्वस्थ व्यक्ति को काट ले तो फाइलेरिया की बीमारी उस व्यक्ति को हो जाती है जो की लाइलाज है. स्वस्थ व्यक्ति को पहले ही यह दवा खाकर इस बीमारी से बचाव किया जा सकता है. कहा कि कार्यक्रम की सघन मॉनिटरिंग शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में की जा रही है. इस अभियान के तहत कोई भी व्यक्ति दवा खाने से नहीं छूटे. इस बीमारी को हाथी पांव के नाम से भी जाना जाता है जो की खतरनाक है इसीलिए सभी व्यक्ति यह दवा जरूर से खाये. शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के किसी भी हिस्से में अगर कोई व्यक्ति दवा खाने से आनाकानी करें तो इसकी सूचना तुरंत अस्पताल प्रबंधन को दें ताकि संबंधित व्यक्ति को समझा-बुझाकर दवा खिलाया जा सके. डीईसी की गोली 2 वर्ष से ऊपर के सभी स्वस्थ व्यक्ति को खाना है. उन्होंने बताया कि गर्भवती महिला, गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति के साथ दो वर्ष के नीचे के बच्चों को यह दवा नहीं देना है. यह दवा खाली पेट में बिल्कुल ना खाये. हालांकि इस दवा का कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं है. परंतु किसी किसी व्यक्ति में कुछ लक्षण प्रतिकूल प्रभाव के दिखते है तो इसके लिए चिकित्सक की निगरानी में 7 रैपिड रिस्पांस टीम का सेक्टर वाइज गठन किया गया है. अगर किसी व्यक्ति को दवा खाने के बाद किसी भी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव दिखाई दे तो तुरंत अस्पताल को सूचना देकर संबंधित व्यक्ति का इलाज कराये. मौके पर विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ इकबाल अंसारी, डॉ नीलकमल, आयुष चिकित्सक डॉ इकबाल खान, डॉ गोपाल पंडित, आईडीएसपी डाॅ रंजीत, डब्ल्यूएचओ मॉनिटर अभय कुमार, कृष्ण गोपाल, एमटीएस तपन कुमार, दामोदर वर्मा, विनोद कुमार दास, तनवीर आलम, संजीव कुमार थे. हाइलार्ट्स : फाइलेरिया उन्मूलन अभियान का एसडीओ ने किया शुभारंभ

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By BALRAM

BALRAM is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >