सावन में देवघर एयरपोर्ट की उड़ान घटी, यात्री संख्या में 6.57% की गिरावट

सावन मेला-2026 में देवघर एयरपोर्ट से हवाई सफर करने वालों की संख्या घटी. पिछले साल की तुलना में 6.57% की गिरावट, जानें कारण व नई सुविधाएं.

देवघर : सावन मेला-2026 में देवघर एयरपोर्ट से हवाई सफर करने वाले यात्रियों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में घट गयी है. मेला अवधि में अब तक 20,576 यात्रियों का देवघर एयरपोर्ट से आवागमन हुआ है. इनमें 9,777 यात्री देवघर पहुंचे, जबकि 10,799 यात्रियों ने यहां से अपने गंतव्य के लिए उड़ान भरी. एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, इस वर्ष सावन में प्रतिदिन औसतन 791 यात्रियों ने हवाई यात्रा की है.

देवघर एयरपोर्ट पर यात्री l Prabhat Khabar Network

पिछले साल 25,412 यात्रियों ने किया था सफर

पिछले वर्ष सावन मेला के दौरान देवघर पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या 11,490 और यहां से जाने वाले यात्रियों की संख्या 13,922 थी. यानी कुल 25,412 यात्रियों ने हवाई सफर किया था. उस समय प्रतिदिन औसतन 876 यात्रियों ने विमान सेवा का इस्तेमाल किया था. इस लिहाज से इस वर्ष यात्रियों की संख्या में करीब 6.57 फीसदी की गिरावट दर्ज की गयी है.

दिल्ली के लिए सबसे अधिक यात्रियों ने भरी उड़ान

इस वर्ष सावन मेला के दौरान देवघर से दिल्ली के लिए सबसे अधिक यात्रियों ने हवाई सफर किया. इसके अलावा गुवाहाटी, मुंबई और बेंगलुरु के लिए भी नियमित व साप्ताहिक उड़ानें संचालित हुईं. देवघर पहुंचने वाले यात्रियों में दिल्ली, कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और असम के यात्रियों की संख्या अधिक रही.

22 फेरे कम हुए

यात्रियों की संख्या में कमी का असर विमानों के फेरों पर भी दिखा. सावन मेला-2026 में अब तक देवघर एयरपोर्ट से विमानों ने 184 फेरे लगाये हैं, जबकि पिछले वर्ष 206 फेरे हुए थे. यानी इस वर्ष अब तक 22 फेरे कम हुए हैं.

बढ़ीं यात्री सुविधाएं

यात्रियों की सुविधा के लिहाज से एयरपोर्ट पर इस वर्ष कई नयी सुविधाएं बढ़ायी गयी हैं. इनमें नि:शुल्क वाइ-फाइ, वर्क स्टेशन, फ्लाइब्रेरी, किड्स जोन और मसाज चेयर जैसी सुविधाएं शामिल हैं. इसके बावजूद यात्री आक्यूपेंसी में आयी गिरावट एयरपोर्ट प्रबंधन के लिए गौर करने वाला आंकड़ा है.


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लेखक के बारे में

By विजय कुमार

विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का अनुभव है. पिछले 22 वर्षों से लगातार प्रभात खबर से जुड़ा हूं. शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर सिर्फ ग्राउंड रिपोर्टिंग ही नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और जनहित की आवाज बनने का काम किया. बिजली, नगर निगम व कृषि से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति सामने लाकर नीति निर्माण में योगदान दिया. पत्रकारिता की पढ़ाई महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से की.

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