देवघर: संताल परगना में सरकारी नमक वितरण की व्यवस्था सवालों के घेरे में है. देवघर समेत प्रमंडल के छह जिलों में अगस्त 2026 का नमक बड़ी मात्रा में गोदामों तक पहुंचा, लेकिन लाभुकों तक पहुंचने की रफ्तार बेहद सुस्त रही. पाकुड़ में ग्रीन कार्ड के तहत महज 0.24 फीसदी नमक का वितरण हुआ, जबकि जामताड़ा में यही आंकड़ा 40.79 फीसदी रहा.
आंकड़े बताते हैं कि नमक की प्राप्ति और वितरण के बीच भारी अंतर है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब नमक गोदामों तक पहुंच चुका था, तो बड़ी मात्रा में लाभुकों तक क्यों नहीं पहुंच सका.
12.59 लाख किलो नमक आया, बंटा सिर्फ 1.67 लाख किलो
विभागीय आंकड़ों के अनुसार अगस्त में एनएफएसए के तहत संताल परगना के छह जिलों में कुल 12.59 लाख किलो नमक प्राप्त हुआ. इसके मुकाबले सिर्फ 1.67 लाख किलो नमक का वितरण हुआ.
वहीं जेएसएफएसएस यानी ग्रीन कार्ड के तहत 2.11 लाख किलो नमक प्राप्त हुआ, लेकिन लाभुकों के बीच सिर्फ 30,900 किलो नमक ही वितरित किया गया.
इससे साफ है कि नमक की उपलब्धता के बावजूद वितरण की गति कई जिलों में बेहद धीमी रही.
पाकुड़ में ग्रीन कार्ड का वितरण सबसे कम
झारखंड आहार पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार ग्रीन कार्ड के तहत नमक वितरण में सबसे खराब स्थिति पाकुड़ की रही. यहां प्राप्त नमक के मुकाबले सिर्फ 0.24 फीसदी का वितरण हुआ.
इसके बाद दुमका में 1.73 फीसदी, देवघर में 7.39 फीसदी, साहिबगंज में 13.92 फीसदी और गोड्डा में 29.29 फीसदी वितरण दर्ज किया गया. वहीं जामताड़ा में सबसे अधिक 40.79 फीसदी नमक वितरित हुआ.
एनएफएसए में भी जिलों के आंकड़ों में भारी अंतर
एनएफएसए के तहत नमक वितरण में भी छह जिलों के बीच बड़ा अंतर देखने को मिला.
- देवघर: 2.34 लाख किलो प्राप्त, 27,798 किलो वितरित
- दुमका: 2.57 लाख किलो प्राप्त, 40.16 किलो वितरित
- गोड्डा: 2.36 लाख किलो प्राप्त, 52,252 किलो वितरित
- जामताड़ा: 1.51 लाख किलो प्राप्त, 56,347 किलो वितरित
- पाकुड़: 1.78 लाख किलो प्राप्त, सिर्फ 578 किलो वितरित
- साहिबगंज: 2.03 लाख किलो प्राप्त, 26,865 किलो वितरित
प्रतिशत के लिहाज से एनएफएसए में जामताड़ा 37.23 फीसदी के साथ सबसे आगे रहा, जबकि पाकुड़ में वितरण सिर्फ 0.32 फीसदी रहा.
ग्रीन कार्ड में भी पाकुड़ सबसे पीछे
जेएसएफएसएस यानी ग्रीन कार्ड के आंकड़े भी वितरण व्यवस्था की तस्वीर स्पष्ट करते हैं.
देवघर में 44,873 किलो नमक की प्राप्ति के विरुद्ध 3,315 किलो, दुमका में 37,307 किलो में 644 किलो, गोड्डा में 37,109 किलो में 10,871 किलो, जामताड़ा में 25,533 किलो में 10,414 किलो और साहिबगंज में 40,160 किलो में 5,591 किलो नमक वितरित हुआ.
वहीं पाकुड़ में 26,839 किलो नमक की प्राप्ति के बावजूद सिर्फ 65 किलो का वितरण हुआ. यह कुल प्राप्ति का महज 0.24 फीसदी है.
आंकड़ों ने खड़े किये कई सवाल
एक ओर गोदामों में नमक की बड़ी मात्रा पहुंचने की जानकारी है, वहीं दूसरी ओर कई जिलों में वितरण बेहद कम है. खासकर पाकुड़ और दुमका के आंकड़े वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं.
लाभुकों को समय पर सरकारी खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सार्वजनिक वितरण प्रणाली की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है. ऐसे में प्राप्ति और वितरण के बीच इतना बड़ा अंतर प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है.
कमिश्नर बोले- जिलों से होगी समीक्षा
संताल परगना के कमिश्नर शैलेंद्र कुमार लाल ने कहा कि वह फिलहाल नमक वितरण की वस्तुस्थिति से अवगत नहीं हैं. उन्होंने कहा कि सभी जिलों के उपायुक्तों से बात कर मामले की समीक्षा की जायेगी.
कमिश्नर के अनुसार जहां भी वितरण में कमी या किसी तरह की समस्या है, उसे दूर कर लाभुकों तक नमक का वितरण सुनिश्चित कराया जायेगा. संबंधित अधिकारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिये जायेंगे.
