चितरा: थाना क्षेत्र के नारंगी मोड़ के समीप बुधवार को सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल सरपत्ता गांव निवासी 45 वर्षीय संगम रवानी की इलाज के दौरान मौत हो गयी. घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने गुरुवार को मुआवजे की मांग को लेकर नारंगी मोड़ के पास चितरा-सारठ मुख्य सड़क पर शव रखकर जाम कर दिया. सड़क जाम होने से कुछ समय तक आवागमन प्रभावित रहा.
10 लाख रुपये मुआवजे की रखी मांग
जाम की सूचना मिलते ही चितरा थाना प्रभारी प्रियरंजन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया. परिजनों ने मृतक के आश्रितों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग रखी. इसके बाद वाहन मालिक के प्रतिनिधि, थाना प्रभारी प्रियरंजन कुमार, स्थानीय मुखिया महादेव सिंह, कैराबांक मुखिया सागर मंडल और समाजसेवी उदय शंकर सिंह की पहल पर दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक वार्ता हुई.
2.80 लाख रुपये मुआवजे पर बनी सहमति
वार्ता के दौरान दोनों पक्षों के बीच 2.80 लाख रुपये मुआवजा देने पर सहमति बनी. इसके बाद परिजन और ग्रामीण शांत हुए तथा शव को सड़क से हटाकर अंतिम संस्कार के लिए ले गए. पुलिस और जनप्रतिनिधियों की पहल से मामला शांत होने के बाद सड़क पर आवागमन सामान्य हो गया.
एफसीआई के चावल लदे ट्रक ने बाइक में मारी टक्कर
बताया जाता है कि पथड्डा थाना क्षेत्र के सरपत्ता गांव निवासी संगम रवानी बुधवार शाम अपने पुत्र अमित रवानी के साथ पशु की दवा लेने के लिए नारंगी मोड़ आ रहे थे. इसी दौरान पीछे से आ रहे एफसीआई के चावल लदे ट्रक ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी. दुर्घटना में संगम रवानी गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गयी.
मौत की खबर से गांव में पसरा मातम
संगम रवानी की मौत की खबर मिलते ही सरपत्ता गांव में मातम छा गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. मृतक के पुत्र अमित रवानी, सुल्तान रवानी, धनेश्वर रवानी, द्वारिका रवानी, बड़े भाई मदन रवानी सहित अन्य परिजन शोक में डूबे हैं.
तेज रफ्तार वाहनों पर रोक लगाने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मुख्य सड़कों पर तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश लगाने की मांग की है. साथ ही लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है.
