Deoghar News : तीन दिन तक ऋषि तर्पण, फिर 17 दिन तक पूर्वजों को तर्पण

हिंदू धर्म की परंपरा के अनुसार पितृ पक्ष का शुभारंभ शुक्रवार से ऋषि तर्पण के साथ हो गया. यह तीन दिनों तक चलेगा. इसके बाद पूर्वजों के लिए 17 दिनों तक तर्पण की प्रक्रिया चलेगी, जो 21 सितंबर को अमावस्या के दिन सर्वपितृ श्राद्ध के साथ संपन्न होगी.

संवाददाता, देवघर: हिंदू धर्म की परंपरा के अनुसार पितृ पक्ष का शुभारंभ शुक्रवार से ऋषि तर्पण के साथ हो गया. यह तीन दिनों तक चलेगा. इसके बाद पूर्वजों के लिए 17 दिनों तक तर्पण की प्रक्रिया चलेगी, जो 21 सितंबर को अमावस्या के दिन सर्वपितृ श्राद्ध के साथ संपन्न होगी. पहले दिन अगस्त ऋषि का तर्पण काश के फूल, कुश, तिल और फल के माध्यम से किया गया. शनिवार को द्वितीय ऋषि तर्पण में शंख से तर्पण होगा, वहीं रविवार को तृतीय ऋषि तर्पण घट से किया जायेगा. इसके बाद आठ सितंबर से पूर्वजों के लिए श्राद्ध तर्पण की शुरुआत होगी. आठ सितंबर प्रतिपदा श्राद्ध व तर्पण से लेकर 21 सितंबर अमावस्या व सर्वपितृ श्राद्ध तक कुल 17 दिन तक यह प्रक्रिया चलेगी. इन दिनों में प्रत्येक तिथि को विशेष तर्पण कर पितरों को स्मरण और प्रसन्न किया जाएगा. इस संबंध में बाबा मंदिर स्टेट पुरोहित श्रीनाथ पंडित ने बताया कि ऋषि तर्पण के साथ ही पितृ पक्ष की शुरुआत मानी जाती है. पितृ पक्ष में लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मुक्ति के लिए तर्पण करते हैं. मान्यता है कि इस दौरान पितृ लोक से पूर्वज धरती लोक पर आते हैं और अपने वंशजों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देकर जाते हैं.

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Author: AMRENDRA KUMAR

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