मधुपुर. स्थानीय बावन बीघा स्थित विश्व प्रसिद्ध सांख्य योग साधना केंद्र कापिल मठ के सांख्ययोगाचार्य श्रीमद् स्वामी भाष्कर आरण्य जी रविवार को ब्रह्मलीन हो गये. उनके समाधि लिये जाने की परंपरा मठ के स्वामी व श्रद्धालुओं की उपस्थिति में दोपहर तक पूर्ण कर लिया गया. अब मठ के नये अध्यक्ष सह उत्तराधिकारी स्वामी करुणा प्रकाश आरण्य हो सकते हैं. बताया जाता है कि स्वामी भाष्कर आरण्य ब्रह्मलीन होने से पूर्व स्वामी करुणा प्रकाश को ही अपना उत्तराधिकारी के रूप में देख रहे थे. मठ के अनुयायियों ने कहा कि स्वामी जी ने उन्हें ही अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था. हालांकि मधुपुर और कास्यांग मठ में कई स्वामी साधनारत है. स्वामी भाष्कर आरण्य के उत्तराधिकारी कौन होंगे, इसका निर्णय मठ के ट्रस्ट द्वारा सामूहिक रूप से किया जायेगा, लेकिन सबसे प्रबल दावेदार करुणा प्रकाश आरण्य ही बताये जाते है. बताया जाता है कि स्वामी करुणा प्रकाश आरण्य मूलत: पश्चिम बंगाल के रहने वाले है. वे ब्रह्मचर्य जीवन का पालन करते हुए सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में वर्षो से लगे हुए थे. तीन वर्ष पूर्व कापिल मठ के अध्यक्ष स्वामी भाष्कर आरण्य से सन्यास धर्म की दीक्षा उन्होंने ग्रहण किया था. इसके बाद से वे लगातार मठ में रहकर साधनारत थे. बताते चले कि स्वामी भाष्कर आरण्य ने पिछले 9 फरवरी को ही अपने अनुयायी व श्रद्धालुओं के बीच घोषणा कर दिया था कि अब उनका इस नश्वर शरीर को छोड़ने का वक्त आ गया है. इसके बाद से ही उन्होंने अन्न जल का त्याग कर दिया था. इसके बाद भी वे पूरी तरह चेतना अवस्था में शनिवार तक थे. अन्न जल त्यागे जाने के खबर के उपरांत केंद्रीय मंत्री भुपेंद्र यादव व सांसद डाॅ निशिकांत दुबे समेत उनके सैकड़ों अनुयायी का लगातार मठ आना जाना लगा रहा. साथ ही मठ के स्वामी से मिलकर सभी ने आशीर्वाद लिया.
स्वामी करुणा प्रकाश आरण्य हो सकते हैं मठ के उत्तराधिकारी
मधुपुर के बावनबीघा स्थित विश्व प्रसिद्ध सांख्य योग साधना केंद्र
