प्रमुख संवाददाता, देवघर : समाहरणालय में डीसी नमन प्रियेश लकड़ा की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की. इसमें डीसी ने स्पष्ट कहा कि जिले में शिक्षा स्तर को बेहतर बनाना प्राथमिकता है. इसके लिए संबंधित अधिकारी विद्यालयों में उपस्थिति, नामांकन और आधारभूत संरचना पर विशेष ध्यान दें. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है.
‘प्रयास’ से बढ़ेगी बच्चों की उपस्थिति
डीसी ने कहा कि प्रयास कार्यक्रम के तहत अधिक से अधिक बच्चों को स्कूल से जोड़ने का अभियान चलाया जाये. विशेष रूप से ड्रॉप आउट और आउट ऑफ स्कूल बच्चों को चिन्हित कर उनके माता-पिता से संवाद कर विद्यालय में लाने का निर्देश दिया गया. बैठक में उन्होंने मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई, ड्रेस वितरण और डिजिटल शिक्षा जैसे बिंदुओं की समीक्षा की. उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा स्कूलों में रसोईघर और पोषण वाटिका की स्थिति बेहतर करें.
स्मार्ट क्लास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रखें निगरानी
डीसी ने सरकारी विद्यालयों की आधारभूत संरचना, स्मार्ट क्लास, आइसीटी लैब, पौधारोपण और खेलकूद गतिविधियों की भी समीक्षा की. उन्होंने कहा कि विद्यालयों का वातावरण ऐसा होना चाहिए जिससे बच्चों की पढ़ाई के साथ उनका समग्र विकास हो, इसलिए इन सभी व्यवस्था पर नजर रखे. बैठक में डीडीसी पीयूष सिन्हा, डीइओ विनोद कुमार, डीएसइ मधुकर कुमार, एपीआरओ रोहित कुमार विद्यार्थी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे.
हाइलाइट्सडीसी ने की शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक
डीसी ने कहा :-स्कूलों की व्यवस्था सुदृढ़ करने पर दिया विशेष जोर
-शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी-ड्रॉप आउट और आउट ऑफ स्कूल बच्चों की संख्या घटाने पर जोर
– स्कूलों में साफ-सफाई, ड्रेस व किट वितरण पर विशेष ध्यान दें-शिक्षकों व कर्मियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति की नियमित जांच होगी
-खेलकूद, पौधारोपण, पुस्तकालय और इको क्लब की गतिविधियों को बढ़ावा देंडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
