Deoghar news : मीडियेशन फोर नेशन अभियान को बनायें सफल : पीडीजे

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने मध्यस्थों के साथ सिविल कोर्ट के वीसी कक्ष में बैठक की. वहीं निर्देश दिया कि मध्यस्थता के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन करायें.

विधि संवाददाता, देवघर. मध्यस्थता के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन कराने के लिए विशेष पहल करने की जरूरत है. झालसा के निर्देश पर मीडियेशन फॉर नेशन अभियान चलाया गया है, इसे सफल बनायें. उक्त बातें मंगलवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कौशल किशोर झा ने मध्यस्थों के साथ सिविल कोर्ट के वीसी कक्ष में हुई बैठक में कही. पीडीजे ने कहा कि पक्षकारों से मोबाइल के जरिये संपर्क कर मीडियेटर पहल करें और दोनों पक्षों की बातों को बारीकी से सुनें. अधिकतर पक्षकार सुलह को सहमत हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि विशेष परिस्थिति में अगर पक्षकार आने में असमर्थ होते हैं, तो वीडियो कॉलिंग के माध्यम से भी मामलों में समझौता कर सकते हैं. इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक मामलाें को सुलह के आधार पर निष्पादन कराने का है. बैठक में मध्यस्थाें को बेहतर और स्वच्छ लिखावट में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया, ताकि न्यायिक पदाधिकारियों को केस निष्पादन में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े. इस अवसर पर डालसा सचिव संदीप निशित बारा के अलावा मध्यस्थों में कांता सिंह, एफ मरीक, राजकुमार शर्मा, संजय कुमार मिश्रा, बम शंकर सिंह, चंद्रकिशोर राय, चंद्रशेखर राय, मो मोबीन, कांग्रेस मंडल, संजय कुमार पांडेय, मनोज कुमार, राजकुमार भगत आदि मौजूद थे.

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By Falguni marik

विगत 32 वर्षों से प्रभात खबर में पत्रकारिता करते आ रहा हूं. विशेष तौर पर कोर्ट से संबंधित खबरों के अलावा श्रावणी विशेषांक -बिल्व पत्र में धार्मिक आलेख लेखन, दुर्गापूजा के अवसर पर निकाली गयी दुर्वाक्षत में धार्मिक लेख लिखने, सामयिक कॉलम कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन का अनुभव है. साथ ही लोक भाषा खोरठा में कविता, कहानी लेखन का अनुभव है. झारखंड अधिविध परिषद रांची के वर्ग अष्टम के पाठ्यक्रम में तथा आचार्य विनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए की कक्षा के पाठ्यक्रम में कविता शामिल हो चुकी है. विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में कविताएं, कहानियां व आलेखों का भी प्रकाशन हो चुका है.

प्रभात खबर में विगत 32 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव. विशेष तौर पर अदालत की खबरों पर पकड़ है. इसके अलावा विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं पर आलेख छपते रहा है. बिल्व पत्र श्रावणी विशेषांक में धार्मिक आलेख, सामयिक कॉलम- कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन करते रहे हैं. लोक भाषा खोरठा की जानकारी है एवं इनकी कविता झारखंड अधिविध परिषद में वर्ग अष्टम तथा बिनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए पाठ्यक्रम में शामिल है.

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