श्रीराम कथा श्रवण करने से सभी पापों का होता है नाश : मधुसूदन शास्त्री

मधुपुर के पंचमंदिर रोड के मंदिर में धार्मिक अनुष्ठयान आयोजित

मधुपुर. शहर के पंचमंदिर रोड स्थित दुर्गा मंदिर प्रांगण में चल रहे नवाह्न पारायण यज्ञ सह श्री रामकथा के पंचम दिन महर्षि विश्वामित्र का दशरथ के यहां आगमन, भगवान श्री राम व लक्ष्मण को यज्ञ रक्षा के लिए मांगना, राजा दशरथ का मोह, ताड़का वध व भगवान श्री राम का जनकपुरी में प्रवेश, पुष्प वाटिका निरीक्षण का कथावाचक मधुसूदन शास्त्री ने वर्णन किया. बताया कि भगवान श्री राम ने महर्षि विश्वामित्र से किस-किस तरह की शिक्षाकाएं ली, किस तरह तड़का का वध किया, अहिल्या का उद्धार किया और जनकपुर के धनुष यज्ञ में सम्मिलित हुए. गुरु से आज्ञा के बाद दोनों भाई पुष्प वाटिका निरीक्षण हेतु गए जहां राम व सीता ने एक दूसरे को देखा. बीच-बीच में क्षेपक कथाओं और संगीतमय भजनों से कथावाचक सामाजिक संदेश देते रहे. संदेश में कथावाचक ने कहा कि आज के व्यस्त जीवन में आम आदमी इतना उलझा हुआ है कि समय नहीं मिलता. इसी व्यस्तता में से समय निकालना चाहिए और प्रभु के नाम का संकीर्तन करना चाहिए. भगवान की कथा सभी तरह के पापों का नाश करती है. संस्कार हमारे जीवन का अहम पहलू है जिसका स्त्रोत हमारे धार्मिक ग्रंथ और कथाएं है. हमें पढ़ना चाहिए और पूरे परिवार के साथ इसपर चर्चा करनी चाहिए. मौके पर दर्जनों श्रद्धालु मौजूद थे. हाइलार्ट्स : सांवरी सुरतिया से लागी जाला अंखिया …सुनकर झूमे श्रोता

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Author: BALRAM

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