सरकारी योजना से बोरवेल निजी जगह में कराने का ग्रामीणों का आरोप

निजी परिसर में लगाया सार्वजनिक बोरवेल, ग्रामीणों की जलापूर्ति पर नियंत्रण

करौं. गांव में सार्वजनिक उपयोग के लिए लगाये गये बोरवेल को निजी परिसर में स्थापित कर दिये जाने से ग्रामीणों में नाराजगी है. जानकारी के अनुसार, करौं प्रखंड के डिंडाकोली गांव में सार्वजनिक जलापूर्ति के उद्देश्य से बोरवेल की स्थापना की गयी थी, लेकिन इसे निजी भवन परिसर में लगा दिया गया. ग्रामीणों का आरोप है कि बोरवेल का टैप मोटर स्विच किसी निजी घर के रसोईघर में लगा है, इस कारण वह अपनी सुविधा अनुसार मोटर चलाते हैं और जलापूर्ति को नियंत्रित करते हैं. इससे गांव की सामान्य जलापूर्ति प्रभावित हो रही है. इतना ही नहीं, ग्रामीणों का यह भी कहना है कि उक्त व्यक्ति ने सार्वजनिक बोरवेल से निकले पाइप को अपने निजी पानी की टंकी से जोड़ रखा है, जिससे उन्हें व्यक्तिगत लाभ मिल रहा है. बोरवेल का रजिस्टर्ड मालिक कोई और है लेकिन संचालन और नियंत्रण पूरी तरह निजी हाथों में है. इस स्थिति से परेशान ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से जांच कर सार्वजनिक बोरवेल को आम लोगों की पहुंच में लाने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे. हाइलार्ट्स : करौं : निजी परिसर में लगाया सार्वजनिक बोरवेल, ग्रामीणों की जलापूर्ति पर नियंत्रण

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By Sanjeet Mandal

Sanjeet Mandal is a contributor at Prabhat Khabar.

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