देवघर : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर ठढ़ीदुलमपुर स्थित गंगा विश्वशांति सद्भावना धाम (प्रेम मंदिर) में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के तीसरे दिन गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का संगम देखने को मिला. शुक्रवार को यहां जन्माष्टमी उत्सव का आयोजन किया जायेगा. प्रेम मंदिर के संस्थापक सद्गुरु डॉ दुर्गेशाचार्य जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए.
ब्रह्मा के प्राकट्य की सुनायी कथा
कथा में आचार्य महामाया प्रसाद शास्त्री ने श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन करते हुए ब्रह्मा के प्राकट्य की कथा सुनायी. उन्होंने कहा कि अहंकार मनुष्य के विनाश का कारण बनता है. अहंकार व्यक्ति की बुद्धि और विवेक को प्रभावित करता है तथा उसे सत्य के मार्ग से भटका देता है. इसलिए मनुष्य को जीवन में विनम्रता अपनाते हुए सदैव ईश्वर की शरण में रहना चाहिए. भगवान की कृपा के बिना मनुष्य का कोई भी कार्य पूर्ण नहीं हो सकता. विनम्रता, सदाचार और ईश्वर के प्रति समर्पण ही मानव जीवन को सार्थक बनाते हैं.
भजनों पर झूमे श्रद्धालु
कथा के दौरान भक्ति गीतों की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया. भजनों की धुन पर श्रद्धालु झूमते और भगवान का स्मरण करते नजर आये. पूरा परिसर भगवान के जयघोष से गूंज उठा. उत्तरकाशी, उत्तराखंड से पहुंचे कृष्णा मिश्रा, अनिल नोडियाल, पंकज भट्ट और विनोद होलकर ने भजन एवं पूजा में संगत देकर आयोजन को और भक्तिमय बना दिया.
आयोजन में समिति की सक्रिय भूमिका
महोत्सव को सफल बनाने में आयोजन समिति के अध्यक्ष महेश प्रसाद राय, उपाध्यक्ष अजीत कुमार राय, संयोजक कृष्ण कन्हैया राय, कोषाध्यक्ष रंजीत झा, सचिव अमरेश कुमार सिंह, योगेंद्र प्रसाद सिन्हा सहित अन्य सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. मौके पर रूपेश कुमार, गौरव कुमार, ब्रजेश राय, कुणाल राय, मनीष कुमार, अजीत नारायण पांडेय, दीपक पंडित, दिलीप कुमार, पिंटू तिवारी, सुधांशु राय, अजित सिंह, संजीव कुमार राय, संतोष कुमार आदि उपस्थित रहे.
