देवघर. प्रगतिशील लेखक संघ, जिला इकाई ने दीनबंधु हाइस्कूल के सभागार में रविवार को विचार गोष्ठी सह कवि गोष्ठी का आयोजन किया. इसकी अध्यक्षता प्रलेस के जिलाध्यक्ष प्रो. रामनंदन सिंह ने की.
प्रगतिशील विचारधारा पर जोर
उन्होंने कहा कि प्रगतिशील विचारधारा के रचनाकारों के लिए यह मजबूत संगठन है. इससे जुड़कर विभिन्न भाषा के लेखकों ने अपनी लेखनी समृद्ध की है. हिंदी, खोरठा, बांग्ला, अंग्रेजी, अंगिका आदि भाषाओं में प्रकाशित पुस्तकों का इस मंच के बैनर तले विमोचन होने का सिलसिला जारी है.
पुस्तक का हुआ विमोचन
संघ से जुड़ी लेखिका रचना झा की लिखी पुस्तक 'नीम तले बुझाती लौ' का प्रगतिशील लेखक संघ के सदस्यों द्वारा विमोचन किया गया. सर्वसम्मति से प्रस्ताव लिया गया कि अगली गोष्ठी लघुकथा पर केंद्रित होगी और कहानी लेखन को आगे बढ़ाने का काम प्रलेस के सदस्य करेंगे.
कवियों ने सुनायी रचनाएं
दूसरा सत्र कवि गोष्ठी का चला, जिसमें जिले के विभिन्न जगहों से आये कवि व रचनाकारों ने अपनी कविताएं सुनायीं और अलग-अलग विधाओं को चित्रित कर खूब तालियां बटोरीं.
नेपाल की त्रासदी पर कविता
कवि एफएम कुशवाहा ने नेपाल की त्रासदी पर आधारित कविता पाठ किया और संवेदनाओं से परिपूर्ण बिंब प्रस्तुत किया. इसके अलावा उन्होंने खोरठा भाषा में कविता 'निकालतो वैकेंसी नौकरीक ठीक/परीक्षाक पेहलें पेपर होतो लीक..' सुनायी.
अलग-अलग विषयों पर रचनाएं
वीरेश वर्मा ने भावपूर्ण कविता प्रस्तुत की. रचना झा ने प्रकृति के तांडव पर आधारित कविता सुनायी, जबकि रविशंकर साह ने मां की ममता पुत्र के साथ किस प्रकार हो, इस पर आधारित कविता पाठ की. जलेश्वर ठाकुर शौकीन ने पति-पत्नी की व्यथा पर व्यंग्य कविता सुनाकर सबों को खूब हंसाया. अनीता चौधरी ने मधुर गीत सुनाया.
देर शाम तक चला साहित्यिक दौर
नरेश साह, प्रशांत कुमार सिन्हा, प्रो. रामनंदन सिंह, काजल कांति सिकदार, सुधीर कुमार, अतिकुर रहमान, सोनम झा आदि ने विभिन्न विधाओं में रचनाएं सुनाकर देर शाम तक समां बांधे रखा.
अतिथियों का हुआ स्वागत
धन्यवाद ज्ञापन साहित्यकार प्रसन्न कुमार चौधरी ने किया, जबकि अतिथियों का स्वागत प्रधानाचार्य काजल कांति सिकदर ने किया.
