स्मृति दिवस पर याद किये गये शायर निसार अख्तर
मधुपुर के भेड़वा नावाडीह स्थित राहुल अध्ययन केंद्र में खोरठा के अग्रदूत श्रीनिवासन पानुरी, प्रसिद्ध साहित्यकार डाॅ नामवर सिंह, प्रखर समाजवादी आचार्य नरेन्द्र देव व मशहूर शायर निसार को उनके स्मृति दिवस पर याद किया गया.
मधुपुर. शहर के भेड़वा नावाडीह स्थित राहुल अध्ययन केंद्र में बुधवार में खोरठा के अग्रदूत श्रीनिवासन पानुरी, प्रसिद्ध साहित्यकार डाॅ नामवर सिंह, प्रखर समाजवादी आचार्य नरेन्द्र देव व मशहूर शायर निसार को उनके स्मृति दिवस पर याद किया गया. इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने विभूतियों की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया. मौके पर धनंजय प्रसाद ने कहा कि श्रीनिवासन पानुरी खोरठा भाषा व साहित्य के अग्रदूत थे. उन्होंने 40 वर्षों के साहित्यिक कार्यकाल में खोरठा के विभिन्न विधाओं में 50 के करीब पुस्तकों की रचना कर खोरठा साहित्य को समृद्ध किया. उन्होंने कहा कि डॉ नामवर सिंह आलोचना परंपरा में आचार्य रामचंद्र शुक्ल, रामविलास शर्मा व मुक्तिबोध के बाद चौथे सबसे महत्वपूर्ण आलोचक थे. वे प्रखर वक्ता भी थे. हिन्दी के विकास में उपभ्रंश का योगदान, आधुनिक साहित्य की प्रवृत्ति छायावाद, पृथ्वीराज रासो की भाषा, इतिहास और आलोचना, नयी कहानी, कविता व नये प्रतिमान, दूसरी परंपरा की खोज उनकी प्रमुख कृतियां है. उन्होंने कहा कि आचार्य नरेंद्र देव प्रखर समाजवादी व शिक्षाविद् थे. वे काशी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति रह चुके हैं. वो अखिल भारतीय किसान सभा व कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी की संस्थापक थे. उन्होंने कहा कि निसार अख्तर तरक्की पसंद रुमानी शायर थे. और प्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक रह चुके है. निसार का तालुक शायरी परिवार से रहा है. उनके बालिद व दादा भी शायर थे. भला ऐसे विभूतियों को कैसे बिसराया जा सकता है, उन्हें याद करना लाजिमी है. अन्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किया.
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