Deoghar news : ओपीडी मरीजों को नहीं मिल रही जांच की सुविधा, बाहर कराना पड़ रहा महंगा टेस्ट

सदर अस्पताल में इलाज कराने आने वाले ओपीडी मरीजों को बाहर की प्रयोगशालाओं का सहारा लेना पड़ रहा है. बायोकेमेस्ट्री मशीन से सिर्फ भर्ती मरीजों की ही जांच हो रही है.

संवाददाता, देवघर. सदर अस्पताल में इलाज कराने आने वाले ओपीडी मरीजों को चार माह से जांच के लिए बाहर की प्रयोगशालाओं का सहारा लेना पड़ रहा है. या अस्पताल में संचालित पीपीपी मोड़ पर संचालित एगिलस डायग्नोस्टिक से कराना पड़ रहा है, जहां अस्पताल के लैब से अधिक पैसे देने पड़ रहे है. बावजूद अस्पताल प्रबंधन सिर्फ अब नयी मशीन लगाने की बात कही रही है. अस्पताल में मौजूद बायोकेमेस्ट्री मशीन से केवल भर्ती मरीजों की ही जांच की जाती है.

ओपीडी में आने वाले सामान्य मरीजों को लीवर फंक्शन, किडनी फंक्शन, ब्लड शुगर, यूरिक एसिड या अन्य जरूरी जांच के लिये बाहर जाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें हर महीने हजारों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं. मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल आने का उद्देश्य है कि यहां इलाज के साथ सस्ती व नि:शुल्क सुविधा मिले. लेकिन जांच सुविधा के अभाव में उन्हें निजी लैब में जांच कराना पड़ता है. इससे आर्थिक बोझ बढ़ता है.

रिपेयर मशीन से सिर्फ भर्ती मरीज की होता जांच

इधर अस्पताल प्रबंधन का तर्क है कि बायोकेमेस्ट्री मशीन की मरम्मत की गयी है ओर छोटी मशीन है. इसलिए सिर्फ भर्ती मरीजों के सैंपल की ही जांच की जाती है. ओपीडी मरीजों की जांच की बात पर कर्मियों का तर्क यह होता है कि यदि मशीन पर जांच का लोड ज्यादा दिया गया, तो यह फिर खराब हो सकता है. इसलिए ओपीडी मरीजों की जांच को टाला जा रहा है. कर्मियों के मुताबिक नयी और बड़ी मशीन आने के बाद ही जांच हो सकेगी.

क्या कहते हैं पदाधिकारी

विभाग से नयी मशीन की मांग की गयी है, जल्द ही मशीन मिल जायेगी. इसके अलावा एक और मशीन एक बैंक सीएसआर फंड से दे रहे हैं. मिल जाने के बाद सभी की जांच की जायेगी.

डॉ सुषमा बर्मा, अस्पताल उपाधीक्षक, सदर अस्पताल B

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Author: RAJIV RANJAN

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